राज्यवार Archives | Page 12 of 14 | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
शुक्ल-कृष्ण के बीच

अपनी राजनीति के लिए उनके हिस्से में तारीफ आई हो या बुराई, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल ने कभी खुद को अप्रासंगिक नहीं होने दिया. राजकुमार सोनी की रिपोर्ट.  

मुखिया से खुली बगावत

केंद्रीय मंत्री हरीश रावत सहित उनके खेमे वाले विधायकों और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाटकीय बयानों के बीच उत्तराखंड कांग्रेस की गुटबाजी खुले में आ गई है. मनोज रावत की रिपोर्ट.  

इश्वर की अनाथ संतानें

पर्यटन और धार्मिक आस्था का केंद्र चार धाम यात्रा जिन सफाई कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से आसान होती है उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं. मनोज रावत रावत की रिपोर्ट.  

पत्रकारिता का जंतर-मंतर

यदि संग्रहालय किसी शहर की खिड़की है तो यकीन मानिए भोपाल का माधवराव सप्रे संग्रहालय ऐसा दरवाजा है जिससे होकर आप एक सौ पचास वर्ष की भारतीय पत्रकारिता के कई रोचक किस्सों के बीच टहलकदमी कर सकते हैं. शिरीष खरे की रिपोर्ट.  

कला अनमोल, मिट्टी के मोल

डोकरा आर्ट की कलाकृतियों की वैश्विक बाजारों में भले ही खूब कीमत लगती हो लेकिन झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में जादुपेटिया समुदाय के लोग अब भी अपनी कला को मिट्टी के मोल बेचने को विवश हैं. अनुपमा की रिपोर्ट.  

मौत पर सियासत

एक तरफ कथित आतंकी खालिद मुजाहिद की पुलिस हिरासत में हुई मौत से उपजे सवाल अनसुलझे हैं तो दूसरी ओर इस मौत से राजनीतिक फायदा उठाने की होड़ लग गई है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

सबै भूमि ‘सरकार’ की

मध्य प्रदेश की सरकारी संस्था गृहनिर्माण मंडल का उद्देश्य वैसे तो आम लोगों को कम कीमत पर आवास उपलब्ध कराना है लेकिन इसके द्वारा बनाई जा रही विशेष कॉलोनियों में मुख्यमंत्री से लेकर नेता प्रतिपक्ष सहित कई नेताओं ने औने-पौने दामों पर अपने लिए मकान खरीद लिए हैं. शिरीष खरे की रिपोर्ट.  

उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर

कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हाईटेक टाउनशिप की आड़ में हो रही इन कारगुजारियों से परेशान हजारों किसानों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

मध्यप्रदेश:आधी आबादी, पूरी दावेदारी

मप्र की पंचायतों में पचास फीसदी आरक्षित कोटा भरने के बाद महिलाओं की हिस्सेदारी उससे भी आगे बढ़ गई है. अब वे सियासत की कई परंपराओं व प्रतीकों को अपने ढंग से बदलने की राह पर बढ़ चुकी हैं. शिरीष खरे की रिपोर्ट.  

झारखंड:फरारी का खेल!

झारखंड में पिछले कुछ माह से तीन चर्चित जन प्रतिनिधि फरार थे, उनमें से एक को तो जमानत मिल गई लेकिन दो का अभी पता नहीं. यही नहीं भविष्य में इनकी संख्या बढ़ भी सकती है. अनुपमा की रिपोर्ट.