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सबै भूमि ‘सरकार’ की

मध्य प्रदेश की सरकारी संस्था गृहनिर्माण मंडल का उद्देश्य वैसे तो आम लोगों को कम कीमत पर आवास उपलब्ध कराना है लेकिन इसके द्वारा बनाई जा रही विशेष कॉलोनियों में मुख्यमंत्री से लेकर नेता प्रतिपक्ष सहित कई नेताओं ने औने-पौने दामों पर अपने लिए मकान खरीद लिए हैं. शिरीष खरे की रिपोर्ट.  

उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर

कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हाईटेक टाउनशिप की आड़ में हो रही इन कारगुजारियों से परेशान हजारों किसानों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

मध्यप्रदेश:आधी आबादी, पूरी दावेदारी

मप्र की पंचायतों में पचास फीसदी आरक्षित कोटा भरने के बाद महिलाओं की हिस्सेदारी उससे भी आगे बढ़ गई है. अब वे सियासत की कई परंपराओं व प्रतीकों को अपने ढंग से बदलने की राह पर बढ़ चुकी हैं. शिरीष खरे की रिपोर्ट.  

झारखंड:फरारी का खेल!

झारखंड में पिछले कुछ माह से तीन चर्चित जन प्रतिनिधि फरार थे, उनमें से एक को तो जमानत मिल गई लेकिन दो का अभी पता नहीं. यही नहीं भविष्य में इनकी संख्या बढ़ भी सकती है. अनुपमा की रिपोर्ट.  

उत्तराखंड: ‘ठंडे’ पर सरगर्मी

उत्तराखंड में कोका कोला कंपनी को प्लांट के लिए जमीन देने का फैसला जिस तरह हुआ है उससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. मनोज रावत की रिपोर्ट.  

उल्टा पड़ता दांव

उत्तराखंड में पिछली भाजपा सरकार के कथित घोटालों की जांच करने के लिए बनाए गए आयोग की जांच रिपोर्ट मौजूदा कांग्रेस सरकार पर ही भारी पड़ती दिख रही है. मनोज रावत की रिपोर्ट.  

बेकाबू बेनी बाबू

बात-बेबात कुछ भी कह जाने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ऐसा कैसे करते रह सकते हैं? बृजेश सिंह की रिपोर्ट  

रिश्तेदारों और दागियों के सहारे

2014 के लोकसभा चुनावों की जंग के लिए बसपा उत्तर प्रदेश में वही दांव आजमाने की तैयारी में है जिससे परहेज करने का वह बार-बार दावा कर रही है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट  

प्रतिरोध का प्रारब्ध

नरेंद्र मोदी के विरोध में भाजपा से अलगाव क्या नीतीश कुमार को मुस्लिम राजनीति का एकमात्र चैंपियन बना सकता है? निराला की रिपोर्ट.  

अपनी कहानी अपनी जबानी

अपनी बात अपनी भाषा में नहीं कह पाने की बेचैनी आदिवासी और देशज समाज द्वारा तरह-तरह की समाचार पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन और विविध विषयों पर पुस्तकों के रूप में सामने आ रही है. अनुपमा की रिपोर्ट.