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निजता पर नजर

अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी की एक निगरानी परियोजना की तर्ज पर सरकार देश में सेंट्रल मॉनीटरिंग सिस्टम लागू करने वाली है. इससे हर शख्स पर सरकार की नजर रहेगी. इस कवायद का मतलब ये है कि सरकार आपके फोन कॉल सुनने, मैसेज और ईमेल पढ़ने के अलावा आपका पासवर्ड भी जान सकती है  

तल में  लोकदल

सजायाफ्ता शीर्ष नेतृत्व और लगातार मिल रही चुनावी मात के बाद हरियाणा की राजनीति में इंडियन नेशनल लोकदल का भविष्य क्या है?  

अभिशप्त आदिवासी

बीते तीन दशकों के दौरान विभिन्न सरकारों ने आदिवासियों और दलितों को उनके कल्याण से जुड़े लगभग पांच लाख करोड़ रुपयों से वंचित किया है. बजटीय आवंटन से उन्हें वंचित करने और उनके लिए आवंटित फंड का दूसरे मदों में इस्तेमाल का खुलासा करती एक रिपोर्ट  

मौत की बांहों में भोपाल

भोपाल गैस कांड के रूप में घटी देश की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदी का यह तीसवां बरस है. दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात में मध्यप्रदेश की राजधानी में यूनियन कार्बाइड के कारखाने में हुए गैस रिसाव से तकरीबन 25,000 लोगों की जान गई. हादसे के मुख्य आरोपित वॉरेन एंडरसन की बीते सितंबर महीने में अमेरिका में मृत्यु हो गई. इस पूरे वाकये में भोपाल के लोगों को कुछ हासिल रहा तो वह थे बस झूठे दिलासे...  

चिंताकारी चाय

चाय में घुली चीनी की मिठास साफ महसूस होती है. लेकिन इसमें डीडीटी जैसे जहर की कड़वाहट भी घुली हो सकती है जो महसूस नहीं होती  

‘ जब मैं सरकारी नौकरी करते हुए नहीं झुका तो चुनाव जीतने पर तो और भी बेहतर काम करूंगा’

हरदेव सिंह के नाम से पहले बाबा तब जुड़ा जब 1985-88 के दौरान वे अलीगढ़ में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रहे. छोटी से छोटी समस्या में भी दिलचस्पी लेकर वे उसे सुलझाकर ही दम लेते. भारत जैसे देश में समस्या आसानी से सुलझना चमत्कार ही माना जाता है इसलिए लोग उन्हें बाबा कहने लगे. ऐसा ही कुछ हरदेव सिंह राजनीति में करना चाहते हैं.  

‘ईमानदारी से देशसेवा करने की इच्छा रखने वाले लोगों के पास भी अब एक विकल्प है’

2009 में मीरा सान्याल ने बैंकिंग क्षेत्र में आसमान को छोड़कर राजनीति में शून्य से शुरुआत की और मुंबई दक्षिण से एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ीं. वे चुनाव हार गईं लेकिन हौसला नहीं. अब एक नये जोश के साथ सान्याल फिर मैदान में हैं.  

प्रधानमंत्री मोदी

अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो व्यवस्था के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की तस्वीर ऐसी हो सकती है.  

उपेक्षित उत्पीड़न

सर्वोच्च न्यायालय थर्ड डिग्री के इस्तेमाल को गैरकानूनी बता चुका है. फिर भी हिरासत में होने वाले इस उत्पीड़न से देश में रोज औसतन चार मौतें हो रही हैं. इस मुद्दे पर कानून का मामला ठंडे बस्ते में है इसलिए इन मौतों के लिए जो दोषी हैं उन्हें कोई डर नहीं.  

‘मुझे अफसोस है कि मैंने भारत के विकास की कहानी दुनिया भर में साझा की’

अपनी तड़क-भड़क भरी जीवन शैली के लिए पहचाने जाने वाले उद्योगपति विजय माल्या पिछले दो साल से किंगफिशर एयरलाइन के वित्तीय संकट की वजह से काफी विवादों में रहे हैं. इसमें उन्होंने मीडिया द्वारा बनाई गई अपनी छवि, किंगफिशर ब्रांड सहित सांसद बनने तक के अपने कई अनुभवों पर बात की. इस बातचीत के अंश