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ग्वालियर : कागजों में बसा सपनों का शहर

स्लम में रहने वालों को शंघाई में बसाने के सपने दिखाना भारत में कोई नई बात नहीं है. इन सपनों को संज्ञा दी जाती है विकास की. विकास के नाम पर देश में कई योजनाएं आईं, राजनीतिक नेतृत्व ने कई वादे किए. कभी पटना को पट्टाया बनाने की बात चली  

सरकारी बदमाशी, बेबस आदिवासी

गले में फांसी का फंदा, हाथों में हथकड़ी और मुंह पर पट्टी बांधे मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के कलेक्टर कार्यालय के सामने आदिवासियों का जमावड़ा लगा हुआ है. वे कोई नुक्कड़ नाटक नहीं दिखा रहे. यह तरीका है प्रशासन के खिलाफ उनके अनोखे प्रदर्शन का. ये तरीका है प्रशासन  

चलो चलें, धनियाझोर की ओर…

बाल मृत्य दर के मामले पर खूब बहस चल रही है. गांव और आदिवासी संकट में बताए जाते हैं. इसी बहस के बीच हम (मौजूदा मानकों के हिसाब से अविकसित) वनग्राम धनियाझोर पहुंच गए. यहां 11 जुलाई 2009 को जगोतीन  और सुकलाल के बेटे महेंद्र की असमय मौत हो गई  

मध्ययुगीनप्रदेश

एक रिपोर्ट के अनुसार देश के 27 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में छुआछूत को मानते हैं. 53 प्रतिशत के साथ मध्य प्रदेश इस श्रेणी में देश में पहले नंबर पर है. हाल ही में हुईं कुछ घटनाएं इस बात की गवाही दे रही हैं  

मुझे चार माह का गर्भ था, जब मेरे पति का देहांत हुआ, उनकी आखिरी इच्छा थी नेत्रदान

‘उनकी मौत एक सड़क दुर्घटना में हुई थी. वे हमेशा ही नेत्रदान करने के लिए कहा करते थे. उनका मानना था कि अगर माैत के बाद हम अपनी आंखों से किसी और की दुनिया रोशन कर सकें तो भला इससे अच्छा और क्या होगा? वे मां-बाबूजी का भी नेत्रदान का  

जल सत्याग्रह: ‘लड़ेंगे-मरेंगे, जमीन नहीं छोड़ेंगे’

देश में भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर खूब बहस हो रही है, इधर मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने को लेकर करीब एक पखवाड़े से किसान खंडवा जिले के घोघल गांव में जल सत्याग्रह कर रहे हैं. लगातार पानी में खड़े होने से सत्याग्रही किसानों के पैरों  

आंकड़ों की खेती सवालों की फसल!

पिछले साल भारी बारिश-ओले पड़ने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था इसके बाद भी मध्य प्रदेश सरकार कृषि विकास दर में 24.99 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि का दावा कर रही है. क्या ये दोनों बातें एक साथ संभव हैं?  

अवैध भरती की धरती!

मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले में हो रहे नित नए खुलासों से प्रदेश की राजनीति तो क्या सारी व्यवस्था के ही बुरी तरह हिल जाने का खतरा खड़ा हो गया है  

धान से धनवान

2014 की शुरुआत मध्य प्रदेश के बासमती धान उगाने वाले किसानों के लिए खुशहाली का संदेश लेकर आई है.