‘देश के सम्मान के लिए आमिर ऑटोरिक्शा वालों को अच्छा व्यवहार करने की सीख देते हैं, उन्हें वैसी ही सीख पत्नी को भी देनी चाहिए’

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हर चुनाव अलग तरह का होता है. असम चुनाव अलग तरह का होगा क्योंकि वह अलग तरह का राज्य है. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं. बिहार से हमें जो भी सीखना था, हम सीख चुके. असम अलग तरह का राज्य है और वहां हमें अलग तरह से पेश आना होगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बिहार चुनाव परिणामों का असर असम विधानसभा चुनाव पर न पड़े और असम चुनाव अच्छे परिणाम लेकर आए. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी.

क्या इन राज्यों में होने वाले चुनाव में पार्टी किसी नई रणनीति के साथ लड़ेगी?

रणनीति पर कभी मीडिया से चर्चा नहीं की जाती, लेकिन मैं आपसे इतना कह सकता हूं कि असम के लिए हम अलग रणनीति तैयार कर चुके हैं. बीते तीन महीनों से हम असम के लिए तैयार की गई रणनीति के तहत काम भी कर रहे हैं. असम में हमें सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और हम जरूर जीतेंगे क्योंकि हमें असमिया समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है. असम का समाज बहुलवादी है जहां विभिन्न वर्गों के लोग रहते हैं और हमें इन सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है. 

क्या पार्टी इस बार चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करेगी?

सही वक्त आने पर हम फैसला लेंगे. दिल्ली में हमने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा की थी, लेकिन हम हार गए. बिहार में हमने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा नहीं की फिर भी हम हार गए. हर राज्य अलग है. असम के बारे में हम मीडिया को बहुत जल्द सूचित करेंगे. वक्त आने पर हम अपनी योजना का खुलासा करेंगे.

‘अगर केवल पीआर के बल पर कोई चुनाव जीतना संभव हो पाता तो कांग्रेस चुनाव कभी नहीं हारती. पीआर के अलावा अन्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं’

पार्टी के खिलाफ सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बयानों पर क्या कहना है?

हमें अपने नेताओं की मीडिया द्वारा बनाई गई छवि पर कुछ नहीं कहना. कुछ मसले ऐसे हैं जिन्हें हमारा शीर्ष नेतृत्व बेहतर तरीके से संभालता है.

क्या आपको लगता है कि प्रशांत किशोर ने महागठबंधन की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई? चुनाव परिणाम प्रभावित करने में पीआर की कितनी भूमिका है?

अगर केवल पीआर के बल पर कोई चुनाव जीतना संभव हो पाता तो कांग्रेस कभी चुनाव नहीं हारती. पीआर के अलावा अन्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं. कई बार पीआर हार का कारण भी बन सकता है.

क्या आपको लगता है कि टिकट बंटवारा भी बिहार चुनाव में एक मसला था?

नहीं. बड़े स्तर पर देखने पर टिकट बंटवारे का कोई मामला नहीं था.

आमिर खान के असहिष्णुता संबंधी बयान के बारे में क्या कहना है?

देखिए, आदर्श स्थिति तो यह होगी कि मैं कुछ भी न कहूं. हर किसी को अपने तरीके से सोचने की स्वतंत्रता है. लेकिन दो चीजें हैं- पहला, उन्हें इस मसले पर अपनी पत्नी किरन को बीच में नहीं घसीटना चाहिए था. दूसरा, जो कुछ उन्होंने कहा अगर वह सच भी है, तो जैसे आमिर आॅटोरिक्शा वालों को देश के सम्मान के लिए अच्छा व्यवहार करने की सीख देते हैं, उन्हें अपनी पत्नी को भी वैसी ही सीख देनी चाहिए थी.