पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी और पीएनजी के दामों ने भड़काई महंगाई की आग

यूं तो जिस दिन धर्मेंद्र प्रधान से पेट्रोलियम मंत्रालय छीना गया था, उसी दिन देश की राजधानी में पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी के साथ 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को छू लिया था। इसके साथ ही अगले दिन यानी वीरवार को नए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का इस्तकबाल भी पेट्रोल के दामों में इजाफे के साथ हुआ। इतना ही नहीं, आज तो पेट्रोल-डीजल के साथ ही सीएनजी और पीएनजी के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही महंगाई के और बढ़ने के आसार हो गए हैं।

महंगाई अपने उच्चतम स्तर 12 फीसदी पर चल रही है, पर आम लोगों को किसी भी तरह से सरकार राहत देती नजर नहीं आ रही है। न तो उत्पाद शुल्क में और न ही राज्यों द्वारा वैट में किसी भी तरह की रियायत मिलने जा रही है। इससे आने वाले दिनों में महंगाई की मार से जूझने के लिए लोगों को तैयार रहना होगा। सरकार के भरोसे रहने से लोगों को कोई राहत नहीं िमलने वाली है। महज पोर्टफोलियो बदल देने से राहत की उम्मीद पालना भी बेईमानी ही है।

वीरवार को जहां पेट्रोल के दाम में 35 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम नौ पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए तो लंबे समय के बाद सीएनजी की कीमतों में 90 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।

दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 100.56 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा होना बताया जा रहा है। हालांकि जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो लोगों को पूरी राहत नहीं प्रदान की जाती है। ऐसे में सरकार को राहत देने के लिए केंद्रीय शुल्कों में बढ़ाए गए दामों में से कुछ राहत तो प्रदान करनी ही चाहिए।
राजधानी नई दिल्ली में पीएनजी की कीमत 29.55 रुपये प्रति घन मीटर पहुंच गई है। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी की घरेलू कीमत 29.61 रुपये प्रति एससीएम हो गई है।