धारा ३७० पर राष्ट्रपति के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा ३७० को हटाने वाले राष्ट्रपति के आदेश से जुड़ा बिल भले राज्य सभा और लोक सभा दोनों में पास हो गया है, इसे कानूनी चुनौती देने की भी शुरुआत हो गयी है। राष्ट्रपति के ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक याचिका दायर की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस याचिका में याचिकाकर्ता ने कोर्ट में  दावा किया है कि यह प्रक्रिया असंवैधानिक है। गौरतलब है कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद-३७० के खंड १ के अलावा अन्य खंडों को हटाने वाला संकल्प-पत्र पेश किया था।
अब मंगलवार को एक याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दालत में दायर की है। अभी कोर्ट की तरफ से याचिका पर सुनवाई की तारीफ मुकर्रर नहीं की गई है। अपनी याचिका में
याचिकाकर्ता के मुताबिक आर्टिकल ३७० को हटाने के लिए सरकार ने आर्टिकल ३६७ में जो संशोधन किया है, वह असंवैधानिक है।
याचिका में कहा गया है कि सरकार ने मनमाने और असंवैधानिक ढंग से ये बदलाव किया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि इस अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित कर रद्द किया जाए।
इससे पहले पूर्व आईएएस शाह फैसल की पार्टी से जुड़ीं शेहला रशीद ने भी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। शेहला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को गवर्नर से और संविधान सभा को विधानसभा से बदलकर यह कदम उठाया गया है, जो संविधान के साथ धोखा है।