सुशासन बाबू नीतीश में भी बेरूखी!

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पासवान केंद्र में एनडीए सरकार में उपभोक्ता मामले, आहार और जन विरतण के केंद्रीय मंत्री है। उन्होंने रविवार को कहा था कि भाजपा के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार का मूलमंत्र (एजंडा) है सबका साथ, सबका विकास, लेकिन जब अल्पसंख्यकों की बात आती है वहां मूलमंत्र पीछे रह जाता है। कहीं बेहतर होगा कि यह मुसलिम विरोधी छवि खत्म करे क्योंकि 2019 के चुनाव में एनडीए के लिए यही ठीक रहेगा।

उन्होंने गोरखपुर और फूलपुर मेें भाजपा की हार पर मन की बात की। नीतीश कुमार ने कहा कि वे मोर्चो में हैं लेकिन ऐसी कारगुजारी में साथ नहीं हैं। मैं कभी अल्पसंख्यकों के  मुद्दे पर समझौता नहीं कर सकता। मैंने हमेशा अपनी शर्तों पर राजनीति की है। देश प्यार, सहनशीलता और आपसी

सहयोग पर ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बहुत जोर दिया तभी हम इस उपचुनाव में उतरे। हम तो लडऩा ही नहीं चाहते थे। जद(यू) कभी किसी जनप्रतिनिधि के निधन से खाली हुई सीट पर चुनाव नहीं लडऩा चाहती। लेकिन भाजपा का दबाव था। हमें नतीजों का पूर्वाभास था इसलिए हम इन सीटों पर नहीं लडऩा चाहते थे।