लेकिन विजयी होंगे नरेंद्र भाई ही

भाजपा का राज्यसभा में अब बहुमत 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अब लोकसभा ही नहीं, राज्यसभा में भी अच्छा खासा बहुमत है। उत्तर भारत और उत्तर पूर्व में भाजपा की ऐतिहासिक विजय के चलते भाजपा सदन में बहुत अच्छी स्थिति मेें है। राज्यसभा में यह अब बड़ी पार्टी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेतली, भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव, सपा की जया बच्चन (सभी उत्तरप्रदेश से), कांगे्रस के नेता अभिषेक मल्ल सिंघवी (पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांगेे्रस के समर्थन से) और राजीव चंद्रशेखर (कर्नाटक से)विजयी हुए। माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के वीरेंद्र कुमार जो जनतादल (यू) की केरल इकाई के अध्यक्ष हैं वे कांग्रेस को हराकर जीते।
उत्तरप्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों में से आठ तो भाजपा को मिलनी ही थीं। नौंवी सीट पर विधायकों के दिल शायद नहीं मिले इसलिए बसपा के ही विधायक ने पार्टी ह्विप का उल्लंघन किया और भाजपा को अपना वोट दिया। निर्दलीय राजा भैया पहले शायद इस गठबंधन के हक मेें थे लेकिन बाद में उन्होंने मतदान में भाग ही नहीं लिया। लाभ भाजपा को हुआ। व्यक्तिगत नफा नुकसान और बदलती राजनीति के गुणाभाग में भाजपा को उत्तरप्रदेश से राज्यसभा में एक और सीट पर कामयाबी हासिल हुई।
भाजपा के प्रत्याशी अनिल अग्रवाल ने बसपा उम्मीदवार भीमाराव अंबेडकर को हराया। इस एक सीट को पाने के लिए सपा-बसपा-कांग्रेस  गठबंधन और भाजपा व समर्थकों के बीच क्रासवोटिंग और दूसरे प्रबंधन प्रयास भरपूर हुए लेकिन जीत भाजपा प्रत्याशी की ही हुई।