राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भारत की एक विशाल छलांग — अमित शाह

सच्चाई यह है कि हमारे कुशल वैज्ञानिकों के पास हमेशा से प्रतिभा और क्षमता थी। जरूरत तो इस बात की थी कि सरकार आगे बढ़े और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दे लेकिन दुर्भाग्य से यूपीए सरकार के पास यह साहस ही नहीं था कि वह अपने संस्थानों और लोगों का साथ दे सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने यह करने की इच्छाशक्ति दिखाई है जिसका परिणाम आज देश के सामने है।

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में ‘मिशन शक्ति’ के तहत स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए-सैट’ से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को नष्ट करने की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिक और वैज्ञानिक संस्थाओं को हार्दिक बधाई दी। साथ ही, भारत की इस उपलब्धि पर राहुल गाँधी द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक बयान के लिए करारा प्रहार भी किया।

शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘वंशवाद के उत्तराधिकारी’ को सब कुछ ड्रामा ही लगता है क्योंकि वह पूरे देश को रंगमंच समझते हैं। उनके लिए- सैनिकों का बलिदान ड्रामा है, वैज्ञानिकों की कामयाबी भी ड्रामा है। नेता होने का स्वांग रचते हुए ‘इस वंश’ ने देश को सिर्फ लूटा है, कमज़ोर और बर्बाद किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल का अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया लेकिन लगता है कि इससे कुछ लोग व्यथित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जि़ंदगी भर हमारे सैनिकों का अपमान करने वाली कांग्रेस एवं उसकी सहयोगी पार्टियों के नेता अब हमारे वैज्ञानिकों का उपहास उड़ाना शुरू कर चुके हैं। यह काफी शर्मनाक है।

सच्चाई यह है कि हमारे कुशल वैज्ञानिकों के पास हमेशा से प्रतिभा और क्षमता थी। जरूरत तो इस बात की थी कि सरकार आगे बढ़े और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दे लेकिन दुर्भाग्य से यूपीए सरकार के पास यह साहस ही नहीं था कि वह अपने संस्थानों और लोगों का साथ दे सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने यह करने की इच्छाशक्ति दिखाई है जिसका परिणाम आज देश के सामने है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक निर्णायक नेतृत्व ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव डालता है। ‘मिशन शक्ति’ की सफलता के साथ ही भारत ने अमेरिका, रूस और चीन के साथ अंतरिक्ष शक्तियों के बीच अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की है। उन्होंने कहा ए—सैट एक एंटी-सैटेलाइट मिसाइल है, जिसने लोअर अर्थ ऑर्बिट में एक लाइव उपग्रह को सफलतापूर्वक न किया, यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भारत की एक विशाल छलांग है।

‘मिशन शक्ति’ की कामयाबी के बाद भारत दुनिया के उन चुनिंदा चार देशों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास अंतरिक्ष में सैटलाइट को मार गिराने की क्षमता है। भारत के पास यह क्षमता पहले से ही थी लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की वजह से इसका परीक्षण नहीं किया गया।

यूपीए सरकार में न क्षमता थी, न ही रक्षा नीति में  स्पष्टता  

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया और अंतरिक्ष के क्षेत्र में ‘मिशन शक्ति’ के तहत भारत द्वारा स्वदेशी एंटी सैटेलाईट मिसाइल ‘ए-सैट से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाईट को मार गिराने की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक संस्थाओं को बधाई दी। जेटली ने कहा कि आज देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। अंतरिक्ष महाशक्ति बनने पर सुरक्षा के क्षेत्र में यह भारत का बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति ऑपरेशन सौ फीसदी स्वदेशी, है। इसकी हर चीज का शोध और निर्माण भारत में ही हुआ। उन्होंने कहा भारत आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में चौथी महाशक्ति बन गया है जो भारतवासियों के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ताकत के साथ भारत की केवल शक्ति ही नहीं बढ़ेगी बल्कि इस क्षेत्र में शांति रखने की हमारी क्षमता भी बढ़ेगी। हर तरह की लड़ाई के लिए हमें तैयारी करनी है और हमारी तैयारी ही हमारी सुरक्षा है। जेटली ने कहा कि भारत का एकमात्र उद्देश्य विश्व शांति के साथ अपनी रक्षा करना है।

जेटली ने कांग्रेस पार्टी द्वारा रक्षा के क्षेत्र में उदासीनता को लेकर हमला करते हुए कहा कि पिछली यूपीए सरकार में न तो क्षमता थी, न  रक्षा नीति में कोई स्पष्टता थी और न ही उन्होंने डीआरडीओ की क्षमता पर भरोसा किया जिसके कारण इस प्रकार के ऑपरेशन को अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज इस उपलब्धि के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एक दशक से इसके लिए तैयार थे, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि जब अग्नि 5 लॉन्च हुआ था तो 21 अप्रैल 2012 के प्रकाशित इंटरव्यू में प्रसिद्ध  वैज्ञानिक वी के सारस्वत ने कहा था कि हमारे पास ऐसी इच्छा और क्षमता है, लेकिन सरकार अनुमति नहीं दे रही। इसकी पूरी प्रक्रिया 2014 के बाद शुरू हुई जब प्रधानमंत्री ने अनुमति दी।

 जेटली ने कहा कि जो लोग अपनी नाकामियों के लिए अपनी पीठ थपथपाते हैं, उनको याद रहना चाहिए कि उनके झूठ और नाकामी की कहानियों की सूची बहुत लंबी है और जल्दी ही उनके झूठ की पोल भी खुल ही जाती है। विपक्ष द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक एवं बालाकोट में भारतीय सेना द्वारा की गयी एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगकर सेना के मनोबल को गिराने को लेकर विपक्ष पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भी कांग्रेस एंड कंपनी ने ऐतिहासिक गलती की है, वे जितना वे नीचे  गिरेंगे, उतना ही हम ऊपर उठेंगे।

जेटली ने कहा कि भारत के लिए यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि यह मिशन पूरी तरह से भारतीय है। हमें याद रहे कि पुराने युद्ध जैसे होते थे और जो अगले युद्ध होंगे वो अलग होंगे। कन्वेंशल आर्मी एयरफोर्स के युद्ध फिर साइबर और अब स्पेस। इस लिहाज से आज की उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण है।

जेटली ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और आज की उपलब्धि किसी भी देश के खिलाफ नहीं है। हमने किसी आक्रमण के लिए इसे विकसित नहीं किया है। हाँ, इसके माध्यम से हमारी क्षमता बढ़ी है। इस जियो पॉलिटिकल सिचुएशन में अपनी रक्षा करने की पूरी ताकत हमारे पास है। प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा को प्राथमिकता और ताकत दे रहे हैं, उस दिशा में यह मील का पत्थर है। इस प्रकार की ताकत के साथ हमारी शक्ति ही नहीं बढ़ेगी, हमारी शांति को कायम रखें इसकी क्षमता भी बढ़ेगी।