राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना से किसे होगा लाभ?

यह देखते हुए कि बुनियादी ढाँचे का निर्माण मुद्रीकरण से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है, एनएमपी की अवधि तय की गयी है; ताकि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत शेष अवधि के साथ सह केंद्र हो। विनिवेश के माध्यम से मुद्रीकरण और ग़ैर-प्रमुख सम्पत्तियों के मुद्रीकरण को एनएमपी में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा वर्तमान में केवल केंद्र सरकार के मंत्रालयों और बुनियादी ढाँचा क्षेत्रों में सीपीएसई की सम्पत्ति को शामिल किया गया है। राज्यों से परिसम्पत्ति पाइपलाइन के समन्वय और मिलान की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है और इसे नियत समय में शामिल करने की परिकल्पना की गयी है।

मुख्य परिसम्पत्ति मुद्रीकरण के ढाँचे में तीन प्रमुख अनिवार्यताएँ हैं। इसमें राजस्व अधिकारों के आसपास संरचित समग्र लेन-देन के साथ स्थिर राजस्व सृजन प्रोफाइल के साथ जोखिम रहित और ब्राउनफील्ड परिसम्पत्तियों का चयन शामिल है। इसलिए इन संरचनाओं के तहत परिसम्पत्तियों का प्राथमिक स्वामित्व सरकार के पास बना रहता है, जिसमें लेन-देन जीवन के अन्त में सार्वजनिक प्राधिकरण को सम्पत्ति वापस सौंपने की परिकल्पना की गयी है। यह देखते हुए कि बुनियादी ढाँचे का निर्माण मुद्रीकरण से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है, एनएमपी की अवधि तय की गयी है, ताकि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत शेष अवधि के साथ सह केंद्र हो।

वित्तीय वर्ष 2022-2025 (चार साल की अवधि) में एनएमपी के तहत परिसम्पत्ति पाइपलाइन में सांकेतिक रूप से 6.0 लाख करोड़ रुपये रखे गये हैं। अनुमानित मूल्य एनआईपी (43 लाख करोड़ रुपये) के तहत केंद्र के लिए प्रस्तावित परिव्यय के 14 फ़ीसदी के अनुरूप है। इसमें 12 से अधिक लाइन मंत्रालय और 20 से अधिक परिसम्पत्ति वर्ग शामिल हैं। शामिल क्षेत्रों में सडक़ें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, गोदाम, गैस और उत्पाद पाइपलाइन, बिजली उत्पादन और पारेषण (भेजना), खनन, दूरसंचार, स्टेडियम, आतिथ्य और आवास शामिल हैं।

क्षेत्रवार मुद्रीकरण

शीर्ष पाँच क्षेत्र (अनुमानित मूल्य के अनुसार) कुल पाइपलाइन मूल्य का 83 फ़ीसदी हिस्सा कवर करते हैं।

इन शीर्ष पाँच क्षेत्रों में शामिल हैं- सडक़ें (27 फ़ीसदी), जो सबसे ऊपर हैं। इसके बाद रेलवे (25 फ़ीसदी), बिजली (15 फ़ीसदी), तेल और गैस पाइपलाइन (8 फ़ीसदी) और दूरसंचार (6 फ़ीसदी) शामिल हैं। मूल्य के अनुसार, वार्षिक चरणबद्धता के सन्दर्भ में 0.88 लाख करोड़ रुपये के सांकेतिक मूल्य के साथ 15 फ़ीसदी सम्पत्ति को चालू वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) में देने की परिकल्पना की गयी है। हालाँकि एनएमपी के तहत कुल और साथ ही साल दर साल मूल्य समय, लेन-देन संरचना, निवेशक हित आदि के आधार पर सार्वजनिक सम्पत्ति के लिए वास्तविक वसूली के साथ केवल एक संकेतक मूल्य है।

एनएमपी के तहत पहचानी गयी सम्पत्ति और लेन-देन को कई प्रकार के उपकरणों के माध्यम से शुरू किये जाने की सम्भावना है। इनमें सार्वजनिक निजी भागीदारी रियायतें और पूँजी बाज़ार के साधन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट) प्रत्यक्ष संविदात्मक उपकरण शामिल हैं। परिसम्पत्ति की प्रकृति लेन-देन के समय (बाज़ार के विचारों सहित), लक्षित निवेशक प्रोफाइल और परिसम्पत्ति मालिक द्वारा बनाये रखने के लिए परिकल्पित परिचालन / निवेश नियंत्रण के स्तर आदि द्वारा निर्धारित  की जाएगी।

सम्पत्ति मुद्रीकरण प्रक्रिया के माध्यम से सार्वजनिक सम्पत्ति के मालिक द्वारा प्राप्त किये जाने वाला मुद्रीकरण मूल्य या तो अग्रिम स्रोतों के रूप में या निजी क्षेत्र के निवेश के माध्यम से हो सकता है।

एनएमपी के तहत निर्धारित सम्भावित मूल्य सामान्य नियमों के आधार पर केवल एक सांकेतिक उच्च स्तरीय अनुमान है। यह विभिन्न दृष्टिकोणों जैसे बाज़ार या लागत या बही या उद्यम मूल्य आदि पर आधारित है, जो सम्बन्धित क्षेत्रों के लिए लागू और उपलब्ध है।

समग्र रणनीति के रूप में परिसम्पत्ति आधार का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा सरकार के पास रहेगा। परिसम्पत्ति मुद्रीकरण की एक कुशल और प्रभावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक नीति और नियामक हस्तक्षेपों के माध्यम से कार्यक्रम का समर्थन करने की परिकल्पना की गयी है। इनमें परिचालन तौर-तरीक़ों को सुव्यवस्थित करना, निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और वाणिज्यिक दक्षता को सुविधाजनक बनाना शामिल है।

केंद्रीय बजट 2021-22 के तहत परिकल्पित परिसम्पत्ति मुद्रीकरण डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी की जाएगी। इस पहल का अन्तिम उद्देश्य मुद्रीकरण के माध्यम से बुनियादी ढाँचे के निर्माण को सक्षम करना है, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र सहयोग करते हैं। प्रत्येक अपनी क्षमता के मुख्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट है, ताकि देश के नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक विकास और जीवन की गुणवत्ता प्रदान की जा सके।