राम मंदिर पर अभी अध्यादेश नहीं : मोदी

सर्जिकल स्ट्राइक को सराहा, बोले -पाक एक लड़ाई से नहीं मानेगा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल राम मंदिर को लेकर अध्यादेश नहीं लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर न्याययिक प्रक्रिया का इन्तजार किया जाएगा। मोदी ने आरोप लगाया कि ”राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस सबसे बड़ा रोड़ा है।” मोदी ने गांधी परिवार (सोनिया गांधी/राहुल गांधी) पर भी बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें ” जमानत पर” बताया है। 
न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि राम मंदिर पर अध्यादेश अभी नहीं लाया जाएगा। सरकार कानूनी प्रक्रिया का इन्तजार करेगी। राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश पर मोदी ने कहा – ”न्यायिक पूरी हो जाने दीजिये। इसके बाद हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, हम हर प्रयास करने के लिये तैयार हैं।”
मोदी ने आरएसएस,  संत समाज और अन्य हिन्दू संगठनों की राम मंदिर पर अध्यादेश लाने की मांग के विपरीत कहा कि ”राम मंदिर मुद्दे का हल संविधान के दायरे में ही संभव है। कांग्रेस के वकीलों ने अयोध्या मसले पर कानूनी प्रक्रिया में अड़चनें पैदा कीं। इसकी वजह से कानूनी प्रक्रिया धीमी पड़ गई।”
अपने इंटरव्यू में मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा कि ”यह बड़ा जोखिम भरा फैसला था।” मोदी ने कहा कि हमें अपने सैनिकों की सुरक्षा की चिंता थी। मोदी ने यह भी कहा कि ”पाक इस तरह की एक लड़ाई से नहीं मानेगा” 
मोदी ने कहा- हमारा जोर केवल इस बात पर था कि इस ऑपरेशन के दौरान हमारा एक भी जवान शहीद ना हो। मैं जानता था कि इसमें बड़ा खतरा है। मैंने कभी अपने लिए किसी राजनीतिक खतरे की परवाह नहीं की। मेरी सबसे बड़ी फिक्र केवल जवानों की सुरक्षा थी। मैं नहीं चाहता था कि उन कमांडोज को कोई भी नुकसान पहुंचे, जो हमारे कहे शब्दों के लिए अपना जीवन न्योछावर करने को तैयार हैं। जब तक हमारे जवान एलओसी के दूसरी तरफ थे, मैं परेशान था। सुबह के समय करीब एक घंटे तक सूचनाएं मिलनी बंद हो गई थीं, यह समय बेहद मुश्किल था। इसके बाद मुझे बताया गया कि वे अभी वापस नहीं लौटे हैं, हालांकि एक-दो यूनिट सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गई हैं इसलिए परेशान ना हों। मैंने कहा कि मैं तब तक निश्चिंत नहीं हो सकता, जब तक हमारा आखिरी जवान वापस ना लौट आए।
पीएम ने २०१९ के लोक सभा चुनाव को लेकर कहा कि ”यह जनता बनाम गठबंधन होगा।”
आरबीआई के गवर्नर रहे उर्जित पटेल के इस्तीफे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि निजी कारणों के चलते पटेल खुद पद छोड़ना चाहते थे। मैं इस बारे में पहली बार यह खुलासा कर रहा हूं। उन्होंने इस्तीफे से छह-सात महीने पहले ही मुझे इस बारे में बताया था। उन्होंने लिखित में भी अपनी इच्छा जताई थी। उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव होने का कोई सवाल ही नहीं है। बतौर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने अच्छा काम किया।
विपक्ष की आलोचना के सबसे बड़े मुद्दों में से एक नोटबंदी पर मोदी ने कहा- यह कोई झटका नहीं था। ”हमने सालभर पहले लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर आपके पास ऐसा धन (काला धन) है तो आप उसे जमा कर दें। आप जुर्माना भरें और आपकी मदद की जाएगी। हालांकि, उन लोगों को लगा कि मोदी भी दूसरों की तरह व्यवहार करेगा इसलिए बहुत कम लोग स्वत: इसके लिए सामने आए थे।”