येदियुरप्पा पैसे देकर सरकार गिराने की साजिश रच रहे : कांग्रेस

कर्नाटक : सीएम कुमारस्वामी ने ऑडियो जारी कर किया ऐसा ही दावा

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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा पर पैसे देकर विधायक खरीदने और जीडीएस-कांग्रेस सरकार गिराने का आरोप लगातार लगता जा रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक ऑडियो जारी कर दावा किया है कि भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा उनकी सरकार गिराने के लिए विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं। कांग्रेस ने भी ऐसे ही आरोप लगाकर कहा है कि भाजपा और येदियुरप्पा की पैसे देकर सत्ता के भूख  मिटाने की इस कोशिश से पूरा देश स्तब्ध है।

कर्नाटक कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को कर्नाटक की खबर सुनकर पूरा देश स्तब्ध था। ”कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने येदियुरप्पा की ऑडियो क्लिपिंग जारी की जिसमें जेडीएस के एक विधायक ने कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने के लिए मोदी जी और अमित शाह की गंदी राजनीति का खुलासा किया।”

उधर दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कर्नाटक के टेप में येदियुरप्पाजी २० विधायकों को १०-१० करोड़ रुपए की रिश्वत का ऑफर देते सुनाई दे रहे हैं। ”इसका मतलब २०० करोड़ की रिश्वत देने को तैयार हैं। चुनाव के खर्च के लिए १० करोड़ रुपए अतरिक्त देने के लिए कहते सुनाई दे रहे हैं। मोदीजी, ये ४०० करोड़ क्या काला धन नहीं? टेप में नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम लेकर ये भी कहा गया कि जो विधायक रिश्वत लेकर इस्तीफा देंगे उनके केस को निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों को अप्रोच किया जाएगा। क्या भाजपा के नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर अब सुप्रीम कोर्ट को अपना पिछलग्गू मानने लगे हैं?”

उधर बेंगलुरु में कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा – ”यह (ऑडियो क्लिप) बताता है कि बीएस येदियुरप्पा हर विधायक को १० करोड़ रुपए की पेशकश कर रहे हैं। साफ़ है कि १८ विधायक हैं। इसलिए यह लगभग २०० करोड़ रुपए आता है। वह १२ विधायकों को मंत्री पद की पेशकश कर रहे हैं, छह को विभिन्न बोर्डों में अध्यक्ष पद की पेशकश की गई।’

वेणुगोपाल ने कहा कि ऑडियो से साफ़ है कि वह इस्तीफा देने के बाद विधायकों को चुनाव खर्च भी दे रहे हैं। ”उन्होंने अपने विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराने के लिए स्पीकर को ५० करोड़ रुपए की पेशकश की। क्लिपिंग में अमित शाह और नरेंद्र मोदीजी के नामों का जिक्र येदियुरप्पा के माध्यम से यहां और वहां प्रबंधन के लिए किया गया है।”