मानसून सत्र में लोकसभा दो दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

बता दें कि संसद में पेगासस जासूसी मामले और कृषि कानूनों की वापसी को लेकर इस बार शुरू से ही विपक्ष ने सख्त रुख अख्तियार किए रखा और संसद की कार्यवाही को चलने नहीं दी। वहीं सरकार भी अपने रुख पर अड़ी रही और न तो पेगासस जासूसी पर न ही कृषि कानूनों पर किसी भी तरह की चर्चा को तैयार हुई। मंगलवार को तो राज्यसभा में कुछ ज्यादा ही हंगामा हो गया और कुछ सांसद तो वेल में आने के बाद कुर्सी पर चढ़ गए और रूल बुक को नीचे फेंक दिया।

राज्यसभा में इस रुख से सभापति वेंकैया नायडू बुधवार को भावुक हो गए। उन्होंने सदन में विपक्ष के बर्ताव की निंदा की। उन्होंने कहा कि संसद में जो हुआ, उससे मैं बहुत दुखी हूं। कल जब कुछ सदस्य टेबल पर आए, तो सदन की गरिमा को चोट पहुंची और मैं पूरी रात नहीं सो पाया। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू बीते मंगलवार को राज्यसभा में हंगामा करने वाले और आसन की तरफ रूल बुक फेंकने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।