बैंक घोटाले के राजनीतिक दंश

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सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले पर कार्रवाई करने में 15 दिन क्‍यों लगाए, जबकि 29-30 जनवरी को ही यह मामला सामने आया गया था। उन्‍होंने पूछा कि इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक ने इतनी देरी से केस क्‍यों दर्ज कराया? ईडी ने छापा मारने में 15 दिन क्‍यों लगा दिए? सरकार ने इस मामले को महत्‍व क्‍यों नहीं दिया? सुरजेवाला ने कहा क‍ि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बारे में जानकारी दी गई थी और पीएम से कार्रवर्इ की मांग भी की गई थी। उनके मुताबिक, पीएमओ ने शिकाय‍त को कार्रवाई के लिए रजिस्‍ट्रार ऑफ कंपनीज के पास भेज दिया था। इसके बावजूद न तो पीएमओ ने कुछ किया और न ही वित्‍त मंत्रालय ने कदम उठाया। इस बीच, छोटे मोदी (नीरव मोदी) 11,000 करोड़ रुपये की चपत लगाकर देश से चंपत हो गए।

कांग्रेस के तीखे हमले से परेशां सरकार की तरफ से मोर्चा संभाला कानून मंत्री रविशंकर प्रशाद ने।
प्रसाद ने बाकायदा संवाददाता सम्मेलन करके कहा – ”नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में ऐसा कोई ऋण नहीं दिया गया, जो एनपीए बन गया हो। नीरव मोदी को संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान ऋण दिया गया था।” उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा था कि हमारी सरकार ने ऐसा कोई ऋण नहीं दिया है, जो एनपीए बन गया हो। एनपीए की विरासत हमें कांग्रेस से मिली है।’ उन्होंने नीरव मोदी और उन सब के खिलाफ भी कार्रवाई करने का वादा किया, जिन्होंने उन्हें भगाने में मदद की। प्रसाद ने कहा, ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘धोखाधड़ी का पता लगने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। आयकर विभाग नीरव मोदी के खिलाफ काफी कड़ी कार्रवाई कर रहा है।’ प्रसाद ने नीरव मोदी को ‘छोटा मोदी’ कहने पर भी कांग्रेस को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी अपनी क्षमता की वजह से नहीं, बल्कि अपने परिवार की वजह से एक पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह किस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं?’ यह पूछे जाने पर कि क्या इस घटना से प्रधानमंत्री की छवि पर असर पड़ेगा, उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री की छवि कांग्रेस और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला जैसी खराब नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री के पास भारत के लोगों का आशीर्वाद है।’