बुन्देलखण्ड में सूखे की मार, किसान बेहाल | Page 2 of 2 | Tehelka Hindi

प्रतिरोध A- A+

बुन्देलखण्ड में सूखे की मार, किसान बेहाल

बुन्देलखण्ड के मूल निवासी 1994 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह जो समय-समय पर किसानों और बुन्देलखण्ड के लोगों के लिये कार्य करते रहते है का कहना है कि किसानों को भारतीय खेती को आधुनिक तरीके से बढ़ावा देना चाहिए और संतरा,मौसम्मी और नीबू की पैदावार ज़्यादा करनी चाहिए जिससे उनको लाभ होगा।

बांदा सदर से विधायक श्री प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार किसानों के कर्ज माफी से लेकर जो भी उनकी समस्याएं हैं उनके समाधान के लिए प्रयास कर रही है। किसानों को खेेती का पानी उनके खेत तक कैसे पहुंच सकें उसके लिये सिंचाई के पानी की व्यवस्था की जा रही है। किसानों का अनाज बिना बिचौलिये कि निर्धारित मूल्य के तहत खरीदा जा रहा है जो अब तक की पिछली सरकारों ने नहीं किया है। किसानों के कर्ज माफ किये गये और किये जा रहे है।

यहीं हाल मध्यप्रदेश के किसानों का है जहां पर सरकार ने तो जो हाल जून-जुलाई महीने में किसानों का किया था उससे तो किसानों का गुस्सा पूरा देश ने देखा था। छत्तरपुर जिले के बड़ा मलहेरा, महाराजपुर, नौगांव और बमीठा के किसानों अनुज, रोहित और रतन विरज और बेनी चौरसिया ने बताया कि छत्तरपुर जिले का इतिहास रहा है कि पानी की किल्लत लोगों को पीने के लिए करीब चालीस साल से है, उस पर इस बार सावन सूखे होने के कारण खेती में बुवाई सही नहीं हो पायी है ऐसे में सरकार को चाहिए कि खासकर बुन्देखखण्ड के किसानों के लिए सरकार कोई किसान बोर्ड का गठन करें। इन हालात में बुन्देलखण्ड के किसान पलायन करने लगे है। क्योंकि सूखा जैसी स्थिति होने के कारण अब किसानों की नई पीढ़ी खेती करने से बचने लगी है।

सागर जिले के बंडा ,रहेली और शाहपुर के किसान राजेन्द्र सोंलंकी और भारत सिंह का कहना है कि सरकार ही नहीं चाहती कि बुन्देलखण्ड का किसान तरक्की करे तभी तो यहां के तलाबों का जीर्णोधार और मरम्मत नहीं कराई गई है क्योंकि सरकार चुनाव के दौरान ही किसानों के कर्ज माफी और सुहावने सपने दिखाकर वोट बटोरती है फिर कोई सुनवाई तक नहीं करती है। यहीं हाल दतिया, दमोह, पन्ना और टीकमगढ़ का है जहां पर चन्देलों के समय से 100 ज़्यादा तलाब है जिसमें लबालव पानी भरा रहता था पर अवैध कब्जों की चपेट में है अगर सरकार यहां के तलाबों को चिन्हित कर अवैध कब्जों से मुक्त कराती है तो पीने के पानी तक ही नहीं बल्कि खेती के सिचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकता है।

बुन्देलखण्ड राज्य के निर्माण को लेकर संघर्षरत् बुन्देलखण्ड संयुक्त मोर्चा के भानु सहाय व अशोक सक्सेना का कहना है कि राज्य के निर्माण को लेकर संघर्ष जारी है और अब सड़कों पर उतरने की बारी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास बुन्देलखण्ड के निर्माण को लेकर एक नक्शा पहुंचा दिया गया है जिसमें मध्यप्रदेश के छह जिले और उत्तरप्रदेश के सात जिलों का पूरा विधिवत नक्शा जनसंख्या सहित पहुचांया है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण के मामले में बुन्देलखण्ड को लोगो और किसानों का जागरूक किया जा रहा है समय- समय पर आंदोलन और धरना प्रदर्शन किये जाते हैं जिससे उनकी मांगों की आवाज सरकार तक पहुंचायी जा सके जिले स्तर पर राज्य निर्माण को लेकर कमेटियां गठित कर ली गई है जो गांव-गांव में जाकर किसानों को जागरूक कर रही हंै।

मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजा पटैरिया का कहना है कि अब केन्द्र, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकारें है ऐसे मेें किसानों की अगर दुर्दशा यहां हो रही है तो उसके लिये सीधे तौर पर भाजपा की सरकार जिम्मेदार है। वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकते है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड का किसान और मजदूर आत्महत्यायें कर रहा है पर सरकारों इन सब घटनाओं को नजर अंदाज कर रही है। जिस प्रकार किसानों को गत जून -जुलाई के महीनों में सरकार के विरोध में जब अपनी आवाज उठाई तो सरकार ने जो तांडव किसानों पर किया वह पूरे देश को झंझकोर देने वाला रहा है। किसानों की हत्यायें तक की गई।

Pages: 1 2 Single Page

(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 9 Issue 19, Dated 15 October 2017)

Comments are closed