फिर स्कूल बंद, बच्चों की पढाई हो रही है प्रभावित

अभिभावक सुरेश कुमार ने बताया कि सरकार को स्कूलों को खोलने के लिये कोई नया विकल्प देखना होगा। अन्यथा गरीब बच्चे है जिनके पास मोबाइल और इंटरनेट जैसी सुविधा नहीं है। वे आँनलाईन पढ़ाई कैसे कर सकते है।

रामकिशन ने बताया कि सरकार तो सीधे स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर देती है। कभी सरकार ने ये आदेश जारी किया है कि स्कूल बच्चे नहीं जा रहे है। तो, बच्चों की फीस माफ करें या कम करें। ये तो, सरकार नहीं कर रही है। जिससे बच्चों के साथ अभिभावकों पर काफी विपरीत असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते स्कूलों को खोलने के लिये कोई गाइड लाईन न लायी गयी तो देश के बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक जायेगी।

दिल्ली के प्राईवेट स्कूल के टीचरों का कहना है कि अजीब बिडम्बना है एक ओर तो सरकार बाजारों को खोल रही है। कोरोना गाईड लाईन की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लेकिन स्कूल खोलने के नाम पर कहीं प्रदूषण का हवाला दिया जाता है तो कहीं कोरोना का जिससे के चलते देश के बच्चों की पढ़ाई का सिस्टम टूट रहा है।