‘पेसमेकर का लगना, और उसके बाद’’

पेसमेकर लगने के बाद क्या सावधानियां बरतनी होंगी?

लगने के बाद चार-पांच दिन में छुट्टी हो जाएगी. महीने भर बाद वे आपको एक बार बुलाकर फिर पेसमेकर की प्रोग्रामिंग करेंगे. फिर छह माह बाद या एक साल के अंतराल पर. कुछ बातें याद रखें.

– तकलीफ न भी हो, पर साल में एक बार पेसमेकर की जांच अवश्य करा लें.

– कभी कोई और डॉक्टर किसी और बीमारी के कारण यदि आपकी एमआरआई जांच लिखे तो भी न कराएं. एमआरआई में ताकतवर चुंबकीय क्षेत्र बनता है जो पेसमेकर को अचानक बंद कर सकता है. हर डॉक्टर को पहले ही बता दें कि आपको पेसमेकर लगा है.

– एयरपोर्ट आदि पर सुरक्षा जांच के गेट में घुसने से पूर्व उन्हें बता दें कि आपको पेसमेकर लगा है. पेसमेकर से सुरक्षा अलार्म बज सकते हैं.

– पेसमेकर की लाइफ टाइम वारंटी से किसी भ्रम में न पड़ें. यह जीवन भर नहीं चलता. दसेक साल में इसकी बैटरी खत्म हो जाएगी. नियमित प्रोग्रामिंग करवाते रहने से छह सात माह पूर्व ही आपको पता चल जाएगा कि बैटरी बदलवानी है. वर्ना किसी दिन पेसमेकर बंद होकर जानलेवा भी हो सकता है.

कभी आपको या परिवार में किसी को, कोई डॉक्टर पेसमेकर लगवाने की सलाह दे तब ये दोनों लेख वापस फिर से पढ़िएगा. तब मेरी कही एक-एक चीज आपको समझ में भी आएगी और बड़ी महत्वपूर्ण भी लगेगी. ये दोनों लेख उसी दिन के लिए लिखे गए हैं, मान लें.

2 COMMENTS

  1. क्या पेस मेकर अलग अलग भी होते हैं डुअल चेम्बर सिंगल चेम्बर ,इनकि कीमट क्या होती है

  2. sir aap ka dhanyawad aap ke dwara likha huwa lekh maine pura padha hai aur aapke vicharo se mai purnatha sehmat hu aap ki har bat ko mai dhyan me rakhunga aap ka bohat bohat shukriya

    DIPESH K. PALIWAL
    NAGPUR

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