पीएम सीधे रूप से राफेल डील में शामिल : राहुल

कांग्रेस : पीएम-फ़्रांस राष्ट्रपति की बात के मिनट्स सदन में रखे जाएँ

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चुनाव के नजदीक राफेल लड़ाकू विमान खरीद का मामला जोर पकड़ता दिख रहा है। अंग्रेजी अखबार ”द हिंदु” की खबर ने खुलासा किया है कि कि फ्रांस सरकार के साथ राफेल डील को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से की जा रही डील के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के दखल का फायदा फ्रांस को मिला था। खबर के मुताबिक पइस दखल का रक्षा मंत्रालय ने विरोध भी किया था। इस खबर के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करके सीधे-सीधे पीएम मोदी को इस डील से जुड़ा बताया और कहा कि आज साबित हो गया है कि कांग्रेस राफेल को लेकर जो आरोप लगा रही थी वे सच हैं।

राहुल ने कहा कि साफ़ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे तौर इसमें हस्तक्षेप किया था। अंग्रेजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ७.८७ बिलियन डॉलर के विवादित राफेल डील पर दोनों देशों की ओर से शीर्ष स्तर पर हो रही बातचीत में पीएमओ के ”सामानांतर दखल” का भारतीय रक्षा मंत्रालय ने जोरदार विरोध किया था। वैसे पूर्व सचिव ने साफ़ किया है कि इस डॉक्यूमेंट में कीमतों को लेकर नहीं कहा गया है।

इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस फिर राफेल के मामले में अकर्मक हो गयी है। राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस ने मांग की है कि पीएम मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति के बीच बातचीत के मिनट्स को संसद में रखा जाये।

उधर अखबार की रिपोर्ट में जो गंभीर आरोप लगाया गया है उसके मुताबिक  ”पीएमओ के सामानांतर दखल के कारण रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की टीम सौदे को लेकर बातचीत कमजोर पड़ गई। इसे २४ नवंबर, २०१५ को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के संज्ञान में लाया गया।

आज की प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमल किया। अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा – ”रक्षा मंत्रालय ने इस सौदे का विरोध किया था। पीएम ने सीधे तौर पर डील में हस्तक्षेप किया था। मोदी ने भारतीय वायुसेना के ३० हजार करोड़ दोस्तों को दे दिए। पीएम ने चोरी कर पैसे अनिल अंबानी को दिए। उन्होंने एचएएल की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को डील दिलवाई।”

राहुल ने कहा कि ये साबित हो गया कि चौकीदार चोर है। ”डील पर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने झूठ बोला था। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार ने झूठ बोला।”

गांधी ने एक संवाददाता के राबर्ट वाड्रा पर पूछे सवाल पर कहा – राबर्ट वाड्रा से पूछताछ कर लो, चिदंबरम पूछताछ कर लो,  क़ानून के मुताबिक जो मर्जी चाहे कर लो, जितनी चाहे जांच करवा लो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री को राफेल मामले पर कुछ बोलना चाहिए।”