निजीकरण पर जोर, अमीरों पर ज्यादा टैक्स

बजट : पांच लाख तक कोइ टैक्स नहीं, छोटे सिक्के जल्द बाज़ार में

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐलान किया कि पांच लाख तक कोइ टैक्स नहीं लगेगा। अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की गयी थी और यह इसी सीमा में रहेगा। सरकार ने निजीकरण पर जोर दिया है जिससे लगता है कि आने वाले समय में कुछ संस्थान निजी हाथों में जा सकते हैं जिनमें रेलवे को लेकर भी कयास हैं।

खाते से सालाना एक करोड़ निकालने पर २ फीसदी टीडीएस लगेगा। दो से पांच करोड़ सालाना आय वाले को ३ फीसदी और पांच करोड़ से ज्यादा सालाना आय वालों को ७ फीसदी अधिक टैक्स देना होगा। दो करोड़ आय तक टैक्स नियम में कोइ परिवर्तन नहीं होगा।

इस बीच बजट भाषण के दौरान सेंसेक्स दिन के सबसे निचले ३९,७५९.८६ तक आ गया जबकि सुबह यह ऊंचाई पर खुला था। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर एक करोड़ से ज्यादा का कैस बैंक से लेते है तो २ फीसद का टैक्स कटेगा। यह इसलिए किया गया है क्योंकि लोग ऑनलाइन पेमेंट की तरफ जा सकें। डिजिटल पेमेंट में अलवत्ता किसी तरह का चार्ज नहीं कटेगा।

उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप के लिए जुटाये गये फंड में किसी प्रकार की जांच नहीं की जायेगी। अगर इस पर किसी तरह की जांच हुई तो अधिकारी को वरिष्ठ अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। लोन देने पर १.५ लाख की छूट मिलेगी। सबके लिए घर हो इस दिशा में काम करने के लिए अब साढ़े तीन लाख का फायदा होगा। सस्ता घर खरीदने वालों को टैक्स में छूट मिलेगी। भारत में व्यापार सुगमता को लेकर सुधार किया है पहले हम 172 वें स्थान पर थे अब 121वें स्थान पर हैं। भारत में 120 करोड़ से ज्यादा लोगों पर आधार पर कार्ड हैं और जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वह आधार कार्ड से आयकर भर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि कुछ सालों में प्रत्यक्ष कर बढ़ा है। ६.३८ लाख करोड़ था जो बढ़कर 11.37 लाख करोड़ हो गया है। आयकर को सरलीकरण  करने की बात निर्मला सीतारमण ने की. जिनका सालाना टर्नओवर 250 करोड़ टर्न ओर है उसे बढ़ाकर 400 करोड़ करेंगे। पहले 25 फीसद के दायरे में थी सिर्फ 250 करोड़ वाली कंपनियां थी जिसे अब 400 करोड़ कर दिया गया है। आयकर के तहत उन्हें छूट दी जायेगी जो ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में भारत पूरी दुनिया में हब बनना चाहता है। ऐसी कंपनियों को टैक्स में छूट मिलेगी जो इस दिशा में काम कर रही हैं।

सीतारमण ने कहा कि एक लाख पांच हजार करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य सरकार ने रखा है। सरकारी कंपनियां बेची जायेंगी। एक रुपये, दो रुपये, पांच रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये के सिक्के की पहचान आसानी से की जा सके इसका भी ध्यान रखा जायेगा। बहुत जल्द यह सिक्का बाजार में आ जायेगा। पहले 50 साल अपने अधिकार की बात करते हैं अब हमारे कर्तव्य की बात करनी चाहिए। अब अपने फर्ज की बात करेंगेे तो अधिकार खुद ब खुद आ जायेगा। हमें देश की सेवा के लिए खुद को अर्पित करना चाहिए।

वित्‍त मंत्री ने प्रस्‍ताव किया कि पांच साल में इंफ्रा पर १०० लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पीएसयू बैंक रीकैपिटलाइजेशन के लिए ७० हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जिन एनआरआई के पास भारतीय पासपोर्ट है, उन्‍हें आधार कार्ड जारी किया जाएगा। एक करोड़ छात्रों के लिए स्किल योजना शुरू होगी। विदेशी छात्रों के लिए सरकार स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम लाएगी।

मंत्री ने कहा कि पारंपरिक उत्पादों और कारीगारों को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए शुरू होगा मिशन। मुद्रा स्किम के तहत महिलाओं को एक लाख तक का लोन मिलेगा। जनधन योजना के तहत महिलाओं को ५००० रुपए तक का ओवरड्राफ्ट सुविधा। करीब १७ पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर का बनाएंगे। वित्त वर्ष 2019-20 में  चार नए दूतावास खोले जाएंगे।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि विदेशी छात्रों के लिए स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम की शुरुआत करेंगे और साथ ही स्टार्ट-अप के लिए टीवी चैनल शुरू करेंगे। सालाना 1.50 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाले तीन करोड़ रिटेल ट्रेडर्स और दुकानदारों को मिलेगा पेंशन का लाभ प्रधानमंत्री कर्मयोगी मान धन योजना के तहत मिलेगा इसका लाभ। वित्‍त मंत्री ने कहा कि २०२४ तक हर घर में नल, जल पहुंचाने का लक्ष्य है. साथ ही इस्तेमाल किए गए पानी का इस्‍तेमाल खेती में किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण ने वर्ल्‍ड क्लास शिक्षण संस्थानों के लिए 400 करोड़ रुपए का खर्च का प्रस्‍ताव किया उन्‍होंने कहा कि सरकार 17 पयर्टल स्थलों को विश्वस्तरीय के रूप में विकसित करेगी। पिछले साल की तुलना ने बैंकों के एनपीए में 1 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है। पिछले 4 साल में आईबीसी और अन्य कदमों से 4 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई। सरकारी बैंकों को 70,000 करोड़ की पूंजी दी जाएगी।