दिल्ली पुलिस प्रमुख के रूप में अस्थाना की नियुक्ति पर सवाल क्यों?

नियुक्ति को चुनौती देने के आधार
 प्रकाश सिंह मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन।
 राकेश अस्थाना का कम-से-कम छ: महीने का शेष कार्यकाल नहीं था।
 कम-से-कम दो साल के कार्यकाल के मानदंड को नज़रअंदाज़ किया गया।
 नियम 56(डी) का उल्लंघन, जो यह निर्धारित करता है कि किसी भी सरकारी सेवक को 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति की आयु के बाद सेवा में विस्तार प्रदान नहीं किया जाए।
 अखिल भारतीय सेवा (सेवा की शर्तें-अवशिष्ट मामले) नियम, 1960 के नियम-3 के तहत केंद्र के पास अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम-16(1) में अस्थाना को सेवा का विस्तार देने के लिए ढील देने का अधिकार नहीं था।
 कार्मिक विभाग और प्रशिक्षण कार्यालय ज्ञापन दिनाँक 08.11.2004 के तहत निर्धारित अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की अंतर्-संवर्ग प्रतिनियुक्ति पर नीति का उल्लंघन।
 दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति के लिए कोई यूपीएससी पैनल नहीं बनाया गया था; और दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के मानदंड की अनदेखी की गयी।