तो, मायावती भी चली परिवारवाद की राजनीति करने

सपा और कांग्रेस का कहना कि मायावती की सियासत उत्तर प्रदेश में सिमट गयी है। वे आरोप-प्रत्यारोप  की राजनीति कर अपने भतीजे को आगे लाने के लिये ही राजनीति करती है। अब खुद परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। जो कल तक दूसरे दलों पर ये आरोप लगाने से नहीं चूकती थीं। कि परिवारवाद का राजनीति में कोई स्थान नहीं है। और अब खुद परिवार के साथ पार्टी को चलाने लगी है।