तालिबान का कांधार में लोगों को घर खाली करने का फरमान; वहां रहती हैं तालिबान से जंग में मरे सैनिकों की पत्नियां

ज़ारा फ़रका के लोगों का कहना है कि वह कहीं और नहीं जाना चाहते हैं।  लिहाजा लोग हजारों की तादाद में तालिबान का विरोध करने पर उतर आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने जिस कालोनी को खाली करने का फरमान जारी किया है उसमें करीब दस हजार लोग रहते हैं। दिलचस्प यह भी है कि इनमें ज्यादातर उन सैनिकों की पत्नियां हैं, जिनके पति पिछले 20 साल में तालिबान के खिलाफ कार्रवाई में मारे गए या घायल हुए।

तालिबान का यह कहर आम लोगों पर ही नहीं टूट रहा, बल्कि उन पत्रकारों पर भी टूट रहा है जो उसके खिलाफ जनता के विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रहे हैं। कुछ पत्रकारों को तालिबान गार्डों ने काफी पीटा भी है। विरोध प्रदर्शन के बाद कांधार के राज्यपाल ने अस्थायी रूप से किसी भी निष्कासन पर रोक लगा दी है। उनका कहना है कि समुदाय के बुजुर्गों के साथ इस मामले पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।

उधर पंजशीर की हालत भी उन जगहों पर खराब है, जहाँ तालिबान ने कब्जा कर लिया है। वहां लोगों पर बड़े पैमाने पर जुल्म किये जाने की ख़बरें हैं। कुछ वीडियो में दिखाया गया है कि रेजिस्टेंस फ़ोर्स और नॉर्थर्न एलायंस के समर्थकों को ढूंढ़ ढूंढ़ कर मारा-पीटा जा रहा है।