जेट को धराशायी करने वाले को उडऩे से रोका!

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जेट एयरलाइंस के पूर्व संस्थापक अध्यक्ष नरेश गोयल दंपत्ति को भारत सरकार के एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने विदेश जा रहे विमान को वापस मंगा कर देश में ही रोक लिया। यह कार्रवाई शनिवार शाम (25 मई) को हुई। वे एमीरेट ई के 507 से दुबई जा रहे थे। विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एअरवेज के रनवे से  आकाश को उछाल लेता। तभी उसे वापस हवाई अड्डे में उतार लिया गया।

एमिरट एअरलाइंस के विमान के कमांडर ने भारतीय एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट की बात अनसुनी न कर विमान को वापस हवाई अड्डे पर लिया। गोयल दंपत्ति दुबई में विभिन्न व्यापारिक बैठकों में शिरकत करने को थे। हवाई अड्डे पर उन्हें और उनके सामान को उतारा गया। जो फ्लाइट तीन बज कर पंद्रह मिनट पर रवाना हो जाती वह फिर पांच बजकर पंद्रह मिनट पर उड़ान भर सकी। बाद में गोयल को बताया गया कि वे देश नहीं छोड़ सकते। उन्हें उनके पासपोर्ट वापस कर दिए गए और घर भेज दिया गया।

नरेश गोयल ने जेट एअरलाइंस की स्थापना 1993 में की थी। अभी दो तीन साल से एअरलाइंस पर देनदारी बढ़ती गई और यह लगातार घाटे का शिकार होती गई। मार्च में गोयल से इस्तीफा ले लिया, एअरलाइंस को कजऱ् देने वाले बैंकों ने। आज जेट पर लगभग आठ हजार करोड़ का कजऱ् है। नया कजऱ् देने से बैंकों ने इंकार कर दिया। पिछले महीने से जेट एअरलाइंस के तमाम विमान हवाई अड्डों पर ही खड़े हैं। इसके विभिन्न कामकाज देखने वाले तकरीन बीस हज़ार कर्मचारी अब सड़कों पर नौकरियां की तलाश मेें हैं। ज्य़ादातर को छह महीने से दो महीने का वेतन भी जेट एअरलाइंस का प्रबंधन नहीं दे सका। एमीरत एत्तिहाद जेट एअरलाइंस का सहयोगी था। बढ़ते हुए घाटे और कजऱ् को देखते हुए उसने भी अपना हाथ खींच लिया।

जेट एअरलाइंस में काम करने वाले लोगों को मानवीयता के आधार पर समर्थन देने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी किरण पावस्कर ने पुलिस में शिकायत कर रखी है कि जेट एअरलाइंस के संस्थापक और इसके विभिन्न प्रबंधकों को भारत छोडऩे न दिया जाए।

देश की विभिन्न एजेंसियां अब जेट एअरलाइंस के तमाम नए-पुराने ब्यौरों की छानबीन में जुटी हैं जिससे यह पता चले कि आर्थिक गड़बडिय़ां किस स्तर पर कैसे और कब शुरू हुईं और कौन लोग जिम्मेदार थे। आयकर विभाग से लेकर कारपोरेट विभाग, एन्फोर्सडायरेक्टरेट और दूसरे सरकारी महकमें इस जांच प्रक्रिया में लगे हैं। जेट एअरवेज ने किस आधार पर अपने लॉएल्टी प्रोग्रैक्स की बिक्री एतिहाद एअरवेज को की है उसकी भी छानबीन की जा रही है।

जेट एअरलाइंस फिर आकाश में उड़ान भरे इसके लिए तमाम संभावनाएं तलाशी जा रही हैं लेकिन बात अभी ठोस रूप ले नहीं ले पा रही है।