जेएनयू में बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण की मांग कहीं तूल न पकड़ जाये

बताते चलें, जेएनयू में जिस तरीके से 2019 में छात्र आंदोलन को लेकर सियासत हुई थी। उसी तरह फिर से जेएनयू के रास्ते पूरे देश में बाबरी मस्जिद मामलें को कहीं तूल तो नहीं दिया जा रहा है। छात्र पंकज और कुमार विक्रम का कहना है कि भले ही प्रशासन अभी इस मामलों को गंभीरता से न लें रहा है। अगर इस मामले में जेएनयू प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में फिर से जेएनयू सियासी अखाड़ा बन सकता है। क्योंकि जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें बाबरी मस्जिद के साथ-साथ अन्य संवेदनशील मुद्दो को हवा देने का प्रयास किया गया है। जो किसी मायने में सही नहीं ठहराये जा सकते है।

जेएनयू के टीचर ने बताया कि आने वाले दिनों में पांच राज्यों और दिल्ली नगर निगम के चुनाव होने है। जेएनयू के हाल ही वायरल वीडियो काफी हद तक चुनावी माहौल को गर्म कर सकता है। क्योंकि देश की राजनीति मौजूदा समय में धर्म और जाति पर आकर टिकती है।