जल संकट बरकरार सरकार के प्रयास नाकाफी

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जय राम सरकार की बड़ी पेयजल योजना पर सेंट्रल वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) के फैसले का इन्तजार है। प्रदेश के आईपीएच विभाग ने इसी महीने 4751 करोड़ की पेयजल योजना का ड्राफ्ट केंद्र सरकार को भेजा था। इसकी डीपीआर तैयार होने जा रही है। इस योजना पर केंद्र सरकार के साथ पहली बैठक 13 जून को दिल्ली में सेंट्रल वाटर कमीशन के साथ हुई। सरकार उम्मीद कर रही है कि इसका बेहतर नतीजा सामने आएगा और इसके लागू होने से शिमला से पानी की समस्या कमोवेश खत्म हो जाएगी।

केंद्र में बीजेपी और प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार होने के नाते सबसे बड़ी पेयजल और सिंचाई योजना पर सीडब्ल्यूसी मुहर लगा सकती है। विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह का दावा है कि इस योजना के शुरू होने से प्रदेश में पेयजल और सिंचाई के लिए संकट से नहीं गुजरना पड़ेगा। ‘इस योजना के तहत प्रदेश में चैकडैम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित सूखे प्रोजेक्ट्स को रिचार्ज करने का प्रावधान हैÓ।

 

jasbeer kaur chalak

जसबीर का जीवट

शिमला में गंभीर जल संकट है, एक महिला टैंकर चालक ने अपनी जीवट से लोगों की मदद की है। पंजाब के संगरूर जिले की जसबीर कौर अपने पति लक्खा सिंह के साथ शिमला में पानी का टैंकर चला रही है। वह हर रोज 16 घंटे ड्राइविंग कर 25000 लीटर के करीब पानी सतलुज से गुम्मा पहुंचा रही है जहाँ से यह पानी फिल्टर करके शिमला में सप्लाई किया जाता है। जसबीर के इस जज्बे के लिए उन्हें 11 जून को सम्मानित किया गया। वैसे तो जसबीर मैदानी इलाके में ट्रक चलाने की अभ्यस्त है परन्तु शिमला में लोगों की दिक्कत देखते हुए उसने यह साहस भरा फैसला किया। जसबीर कौर इन दिनों काफी चर्चा में है और शिमला के लोगों की वह हीरो बन चुकी है। वह पति लक्खा सिंह के साथ टैंकर चलाकर शिमला में लोगों की प्यास बुझा रही है। लोगों की सहायता के लिए कई स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आई हैं जो टैंकर्स से पानी सप्लाई कर पानी उपलब्ध करवा रही हैं। जसबीर 35 साल की हैं और दिलचस्प यह है कि उन्हें ड्राइविंग करते हुए तीन महीने ही हुए हैं। उनके पास ड्राइविंग का हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) लाइसेंस है।