चौक–चौराहे पर प्रत्याशियों की कथनी–करनी का रस ले रहे लोग

क्योंकि देश के लोग ये बात मान चुके है कि प्रदेश की राजनीति में भले ही क्षेत्रप कुछ कर लें। लेकिन केन्द्र की सरकार में कांग्रेस ही विकल्प बन सकती है। उनका कहना है कि मौजूदा दौर में भले ही जाति-धर्म की राजनीति हो रही है। कांग्रेस के अलावा कोई भी पार्टी ऐसी नहीं है। जो महगांई, बेरोजगारी और विकास को मुद्दा बना रही हो। सिर्फ व सिर्फ कांग्रेस ही एक पार्टी है। जो प्रदेश में जाति–धर्म से हटकर राजनीति कर रही है। जबकि प्रदेश के लोगों का कहना है कि चाहे कोई भी पार्टी हो वो अपनी कुटिल राजनीतिक चालों से जनता को वोट बैंक के तौर पर ही उपयोग करती रही है। लेकिन इस बार जनता ने ठाना है कि वोट –सपोट उसी का होगा जो पूरी तरह से विकास और रोजगार देने के वादा करें। अन्यथा वोट न सपोट कुछ भी नहीं ।