चुनावों में जीत के इरादे से कांग्रेस में मंथन

0
311

कुछ लोग यह भी मानते हैं कि शायद अमरिंदर सिंह, पृथ्वीराज चौहान और कुमारी शैलजा

फि र कांग्रेस कमेटी में हों। पार्टी की रणनीति तैयार करने में और उसमें वक्त-ज़रूरत अनुसार बदलाव करने में सक्षम भी रहे हैं।

राहुल गांधी ने सचिन पायलट को राजस्थान में मनोनीत किया। वहां अभी उप-चुनाव हुए। इन में उन्होंने कांग्रेस को फि र जीवित किर दिया । इस कार्य में उन्होंने दिग्गज नेता अशोक गहलोत से राय-मशविरा भी किया और कामयाब रहे। हालांकि हरियाणा कांग्रेस को फि र से खड़ा नहीं कर पाए और कार्यकर्ता भी उनसे विमुख रहे। उन्हें शायद कोई नया काम दिया जाए।

अपनी नजऱ और रणनीति को खासा पैना बनाते जा रहे हैं राहुल गांधी। उन्होंने पिछले कई महीनों में कई खासी जिम्मेदारियां कइयों को सौंपी और उनकी योग्यता भी जांची-परखी। उन्होंने विभिन्न राज्यों के दौरों के दौरान और पार्टी संगठन में लंबे अर्से से काम करते हुए पार्टी के उपयुक्त नई युवा पौद की पहचान भी की है।

कांग्रेस के अंदर नए से नए जुझारू तेवर के लोगों के लिए पार्टी में आने और आगे बढऩे के ढेरों मौके हैं। ऐसे युवा नेताओं की एक लंबी कतार है जिसे अपने चुने जाने की ताब है। युवा राहुल गांधी यह जानते-समझते हैं कि देश के युवाओं को वे ही प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं। देश को भ्रष्टाचार और संकीर्ण सेनाओं की कुरूपता से बचा सकते हैं और पूरे देश में सद्भाव और शांति को ला सकते हैं। चुनौतियां ढेरों हैं और संघर्ष भी जटिल है। राहुल और हर कांग्रेसी यह जान-समझ रहा है।