चन्नी ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, रंधावा और सोनी को कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री बनाया  

    सरकार में रंधावा मुख्यमंत्री के बाद दूसरे नंबर के मंत्री होंगे। रंधावा के परिवार का  का कांग्रेस से दशकों का रिश्ता रहा है। वे किसान परिवार से हैं और किसान आंदोलन में सरकार की तरफ से किसान नेताओं से बातचीत का जिम्मा सँभालते रहे हैं। उनके पिता संतोख सिंह रंधावा दो बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे। रंधावा को ‘माझा का सरदार’ कहा जाता है। यह चर्चा है कि उन्हें बहुत महत्वपूर्ण विभाग दिया जा सकता है जिसमें गृह मंत्रालय भी शामिल है।

    शपथग्रहण से पहले चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर के कतलगढ़ साहिब गुरुद्वारा पहुंचे और परिवार सहित गुरद्वारे में मत्था टेका। कांग्रेस ने चन्नी के रूप में बड़ा फैसला किया है। एक दलित को मुख्य्मंत्री बनाकर कांग्रेस ने भाजपा और अकाली दल-बसपा को झटका देने की कोशिश की है, जिन्होंने हाल में चुनाव के बाद किसी दलित को उप मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की थी।

    शपथ ग्रहण में शामिल होकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सन्देश देने की कोशिश की   है कि चन्नी का चुनाव हाईकमांड का फैसला है और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाना चाहिए। राहुल शपथ ग्रहण में कुछ देरी से पहुंचे और आते ही चन्नी से हाथ मिलाकर, उन्हे मुख्य मंत्री बनने की बधाई दी।