चक्रवात ताउते ने गुजरात में तबाही मचाई, 13 लोगों की मौत

चक्रवात ताउते दोपहर बाद अहमदाबाद जिले की सीमा से लगते हुए उत्तर की तरफ बढ़ गया और इससे पहले और इस दौरान भी यहां लगातार भारी बारिश हुई जिससे शहर के कई इलाकों में घुटनों तक जलभराव हो गया। अधिकारियों ने कहा कि ताउते की तीव्रता भले ही कमजोर हो गई हो लेकिन यह अपने पीछे विनाश के चिन्ह छोड़ गया जिसमें भावनगर,राजकोट, पाटण, अमरेली और वलसाड समेत गुजरात के विभिन्न इलाके इसकी चपेट में आ गए।

707 कर्मियों को ले जा रहे तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार समुद्र में फंस गया था। तटरक्षक बल के दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने बेहद खराब मौसम के बीच के सतपति तट के निकट समुद्र में फंसे जहाज के चालक दल के आठ सदस्यों को भी बचा लिया। इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि विपरीत मौसम से जूझते हुए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बलों ने ताउते के दस्तक देने से पहले मुंबई के निकट अरब सागर में फंसे दो बजरों में मौजूद 317 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन 390 लोग अब भी फंसे हुए हैं। नौसेना ने बताया कि तीन जहाज फंस गए, जिनमें एक में ही 273 लोग सवार थे, जिनमें से 180 लोगों को बचा लिया गया, बाकी लापता हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को तौकते प्रभावित गुजरात का दौरा करेंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपने-अपने राज्यों में तूफान से हुए नुकसान के बारे में समीक्षा की और बचाव अभियान को तेज करने का आह्वान किया।