गुजरात का यह चुनाव नहीं था आसां

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‘अपनी टिप्पणियों पर माफी मांगेÓ

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहली दिसंबर को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी टिप्पणियों के लिए देश से खेद प्रकट करेंगे। नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकाठा में चुनाव प्रचार करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री और मणिशंकर अय्यर जैसे कांग्रेसी नेताओं ने भोज में पाकिस्तान के कुछ लोगों को साथ बातचीत कर गुजरात में चुनाव जीतने की साजिश रची। इस बैठक में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर और पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद अहमद कसूरी और कई पत्रकारों के साथ बैठक हुई थी।

मनमोहन सिंह ने कहा, ‘गुजरात चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए उन्होंने ऐसी गलत बातें कहीं जिन पर मुझे बहुत तकलीफ हुई। वे खुद प्रधानमंत्री पद पर हैं और गुजरात में पराजय के अंदेश में वे हर तरह की गाली-गलौच पर उतर आए हैं। मुझे अफसोस है कि मोदी एक खतरनाक नजीर पेश कर रहे हैं। जिसके तहत वे हर संवैधानिक पद को नीचा दिखाना चाहते हैं चाहे वह प्रधानमंत्री का पद हो या फिर सेना प्रमुख का।

कांग्रेस पार्टी को कोई उपदेश, ‘राष्ट्रवादÓ पर उस पार्टी और प्रधानमंत्री से नहीं सुनना है जिसका आतंकवाद के सामने हमेशा घुटने टेकने का इतिहास रहा है। उन्होंने लिखा, ‘शायद मेरा यह याद दिलाना उचित ही है कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान बिना किसी न्यौते के पहुंच गए थे क्यांकि उधमपुर और गुरदासपुर में आतंकवादी हमले हुए थे। उन्हें यह बात भी देश को बतानी चाहिए कि पाकिस्तान की बदनाम आईएसआई को पठानकोट में हमारे रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण हवाई अड्डे पर क्यों न्यौता गया कि वे पाकिस्तानी आतंकी हमले के शिकार हुए फौजी हवाई अड्डे की पड़ताल करें?Ó

‘मैं उन तमाम गलत आरोपों, बातों से इंकार करता हूं क्योंकि मैंने किसी से भी गुजरात चुनावों पर कोई बात नहीं की।Ó जैसा मोदी का आरोप है कि मणिशंकर अय्यर की ओर से दिए गए भोज में मैं मौजूद था। इस भोज में आमंत्रित तमाम लोगों में किसी ने भी गुजरात का मुद्दा उठाया ही नहीं। अलबत्ता जिस विषय पर बात हुई वह भारत-पाक संबंधों पर हुई। उस भोज में भारतीय प्रशासनिक अधिकारी और पत्रकार भी मौजूद थे।

‘मुझे उम्मीद है कि वे देश से इसके लिए अपने उन खराब विचारों के लिए क्षमा याचना करेंगे साथ ही जिस दफ्तर में वे बैठते हैं उसका भी सम्मान बनाए रखेंगे।Ó

छह दिसंबर को हुई बैठक में शामिल हुए लोगों में कुल 18 लोग थे। इनमें श्रीमती और श्री मणिशंकर अय्यर, खुर्शीद कसौरी, एम हामिद अंसारी, डा. मनमोहन सिंह, के नटवर सिंह, केएस बाजपेयी, अजय शुक्ल, शरद सम्भरवाल, जनरल दीपक कपूर, टीसीए राधवन, सती लांबा, पाकिस्तान के हाईकमिशनर, एमके भद्रकुमार, सीआर गरेखान, प्रेमशंकर झा, सलमान हैदर, और राहुल खुशवंत सिंह मौजूद थे।

 

भाजपा चुनाव प्रचार में निचले स्तर तक उतरी: शिवसेना

शिवसेना ने सहयोगी भाजपा पर गुजरात चुनाव में निचले स्तर तक उतर आने का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री के चुनावी भाषणों से विकास का एजंडा गायब हो गया। मोदी ने कांग्रेस के निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के खिलाफ बयान देकर गुजरात की अस्मिता को अपमानित कर दिया।गुजरात चुनाव में मोदी राष्ट्रीय नेता कम क्षेत्रीय नेता ज्य़ादा बन गए।

भाजपा प्रायोजित चुनाव आयोग में ईवीएम घोटाले की शिकायत करना बेकार है। नौ दिसंबर को चुनाव के पहले चरण में विपक्ष ने इलेक्ट्रानिक मशीनों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। लेकिन उसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया।

गुजरात चुनाव का प्रचार अभियान बहुचर्चित विकास एजंडे पर केंद्रित होना चाहिए था। लेकिन गुजरात में प्रधानमंत्री के भाषणों से यह बिंदु ही गायब है। जबकि यह वह राज्य है जहां से हमारे प्रधानमंत्री आते हैं और यही भाजपा ने 22 साल शासन किया। भाजपा चुनाव प्रचार अभियान में निचले स्तर तक क्यों चली गई।

शिवसेना के मुख्य पत्र ‘सामनाÓ के अनुसार ‘ जब यह भरोसा हो चला है कि राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का प्रमुख बनाए जाने के बाद भाजपा के लिए चुनाव में जीत आसान हो गई है तो शीर्ष भाजपा नेता उनके खिलाफ गुजरात में चनाव प्रचार क्यों कर रहे हैं।