क्रोएशिया

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खास बात

कहा जाता है कि क्रोएशिया के पास ब्राजील के बाद प्रतिभाशाली खिलाडियों का सबसे बड़ा पूल है. यही बात टीम के लिए उम्मीद का सबब है. ल्यूका मॉडरिक, इवान राकटिक और मारियो कोवासिस टीम के बड़े स्टार हैं. तीनों में ही किसी भी टीम के ऊपर हावी होने की पूरी क्षमता है ब्राजील के अलावा क्रोएशिया वह टीम है जो ग्रुप ए से अगले राउंड में जाने की प्रबल दावेदार है. इस यूरोपियन टीम के पास मिडफील्डरों (मध्य पंक्ति) और फॉरवर्ड (अग्रिम पंक्ति या आक्रमण पंक्ति) खिलाड़ियों की पूरी फौज है. टीम के कोच नीको कोवाक खुद टीम के पूर्व कप्तान और शानदार मिडफील्डर रहे हैं. 42 वर्षीय कोवाक के बारे में कहा जाता है कि नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें तराशने में उनका कोई सानी नहीं है. अग्रिम पंक्ति में टीम के पास तेज-तर्रार मारियो मैंजुकिक हैं पर पहले मैच में टीम को उनकी सेवाएं नहीं मिल सकीं क्योंकि क्वालीफायर मैच में आइसलैंड के खिलाफ उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था. यह कमी क्रोएशिया को ब्राजील के खिलाफ पहले मैच में काफी भारी पड़ी. फारवर्ड लाइन में मेंजुकिक के अलावा क्रोएशिया के पास आइविका ओलिस, निकिसा जेलाविक और एडुआर्डो जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं. एडुआर्डो का तो जन्म ही ब्राजील में हुआ है. फुटबॉल के पंडितों का मानना है कि अगर मिडफील्ड से पर्याप्त सहयोग मिला तो एडुआर्डो टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की कतार में शामिल हो सकते हैं. इसकी पूरी उम्मीद भी है क्योंकि टीम के पास लूका मोडरिक और इवान राकटिक जैसे विश्वस्तरीय मिडफील्डर मौजूद हैं. राकटिक का पिछला प्रदर्शन इतना सनसनीखेज रहा है कि यूरोपियन लीग के सबसे महत्वपूर्ण क्लब बार्सिलोना ने अगले सीजन में उनकी सेवाएं लेने का मन बना लिया है. क्रोएशिया की कमजोर नस है उनके डिफेंडर और गोलकीपर. अगर यहां भी उनका लचर रवैया जारी रहा तो टीम को भारी पड़ सकता है.

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