कृषि कानून तो बहाना है चुनाव भी तो जीतना है

प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह-सुबह देश के नाम संबोधन में कहा कि, हमारी तपस्पा में शायद ही कोई कमी रह गयी थी। इसलिये किसान कानून को वापस लेते है। आगामी संसद सत्र में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कानून को वापस ले लिया जायेगा।

देश के किसानों का कहना है कि, सरकार ने देर से सही पर सही फैसला लिया है। अगर सरकार ने एक साल पहले काला कानून को वापस ले लिया होता तो 700 से अधिक किसानों की जान को बचाया जा सकता था।

गाजीपुर और सिंधू बार्डर पर बैठे किसान परमजीत सिंह का कहना है कि सरकार ने माना तो किसान जायज कानून को लेकर आंदोलन कर रहे थे। वहीं गाजीपुर पर बैठे किसान भूपेन्द्र सिंह धौना का कहना है कि अब किसानों की मांगों को पूरा मान लिया जाये ताकि किसान निर्भीकता के साथ आंदोलन को वापस कर अपने–अपने घरों में जा सकें।किसानों ने कहा कि अब किसान आंदोलन के नाम पर सियासत बंद होना चाहिये।