किसानों की मित्र बने सरकार

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि किसानों द्वारा जब दिल्ली में किसान आन्दोलन स्थगित किया गया था, तब सरकार ने जो वादे किये थे, उन वादों को सरकार ने जल्द-से-जल्द पूरा करने के बजाय विश्वासघात किया है। इसी के चलते 22 अगस्त, 2022 को क़रीब 19-20 राज्यों के किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित होकर सरकार को अपनी ताक़त का नमूना पेश किया और वादे पूरे करने का 15 दिन का समय दिया।

किसानों ने साफ़ कर दिया है कि अगर सरकार उनकी माँगों को लेकर गम्भीर नहीं हुई, तो इस बार पूरे देश के किसान दिल्ली पहुँचकर आन्दोलन करेंगे। हालाँकि सरकार का कहना है कि उसने एमएसपी पर समिति का गठन कर दिया है; लेकिन इस समिति के गठन से किसान ख़ुश नहीं हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने ऐसा एक भी सदस्य समिति में नहीं रखा है, जो किसानों के हित में निष्पक्ष काम कर सके।

हालाँकि संयुक्त किसान मोर्चा में भी अन्दरख़ाने राजनीति होने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन फ़िलहाल ऐसा कोई मतभेद उभरकर सामने आएगा, ऐसी सम्भावना कम ही दिखती है। क्योंकि संयुक्त किसान मोर्चा में फ़िलहाल 40 संगठन एकजुट रहे हैं। हालाँकि समिति में जाने को लेकर उनमें तनातनी रही है। रही अजय मिश्रा उर्फ़ टेनी के विरुद्ध सरकार के कार्रवाई करने की बात, तो इन दिनों उत्तर प्रदेश में अपने बदज़ुबान नेताओं पर शिकंजा कसने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या केंद्र सरकार अपने इस बदज़ुबान नेता के विरुद्ध भी कार्रवाई करेगी? सरकार यह भी कह सकती है कि उसने तो एमएसपी निर्धारण के लिए समिति बना दी है। इस पर सरकार से पूछा जा सकता है कि उसने समिति कब बनायी? क़रीब साढ़े सात महीने बाद। क्या यह सब कुछ दिलासा नहीं है, जिसका उपयोग आन्दोलन को ठण्डा करने के लिए ही किया गया है। ऐसे में सरकार किसानों की माँगें मानती है या नहीं, इसका जवाब भले ही मिल जाए, पर अगर इस बार किसान आन्दोलन खड़ा हुआ, तो उसके समाप्त होने का जवाब किसी के पास नहीं होगा।

किसानों की प्रमुख माँगें
1. फ़सलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को स्वामीनाथन आयोग के अनुरूप सी2+50 फ़ीसदी फार्मूले के हिसाब से लागू किया जाए।
2. लखीमपुर खीरी मामले के पीडि़त किसान परिवारों को इंसाफ़ मिले। मुख्य आरोपी को जेल भेजा जाए और उसके पिता व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय शर्मा उर्फ़ टेनी को बॉर्खास्त करके गिरफ़्तार किया जाए।
3. जेलों में बन्द किसानों को छोड़ा जाए। उन पर दर्ज मुक़दमे वापस लिये जाएँ।
4. देश के सभी किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया जाए।
5. बिजली संशोधन विधेयक 2022 रद्द किया जाए।
6. गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए और गन्ने की बक़ाया राशि का भुगतान तत्काल
किया जाए।
7. प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के तहत किसानों के बक़ाया मुआवज़े का भुगतान तुरन्त किया जाए।
8. भारत विश्व व्यापर संगठन (डब्ल्यूटीओ) से बाहर आये और सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द किया जाए।
9. अग्निपथ योजना वापस ली जाए।