किसानों का भारत बंद शुरू; कांग्रेस, विपक्ष और दर्जनों संगठनों ने दिया समर्थन

टिकैत ने आज के बंद को व्यापक समर्थन मिलने का दावा करते हुए कहा कि इससे जाहिर होता है कि आम जनता किसानों के साथ और मोदी सरकार के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि कई उत्तर भारतीय राज्यों में काले झंडे के विरोध का सामना कर रहे भाजपा नेताओं के अलावा, केंद्रीय मंत्रियों को भी स्थानीय काले झंडे के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक ब्यान में कि किसानों का विरोध हमारी अर्थव्यवस्था पर कॉर्पोरेट कब्जे को रोकने, राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा, भारतीय संघ को बचाने, लोकतंत्र को बचाने और भारत की एकता की रक्षा के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन का केंद्र बन चुका है। एसकेएम ने बंद के दिन मजदूरों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, व्यवसायियों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के सभी संगठनों और सभी सामाजिक आंदोलनों से किसानों के साथ एकजुटता दिखाने की विशेष रूप से अपील की।

मोर्चा ने कहा – ‘हम सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों का भी आह्वान करते हैं, जिनमें से कई ने हमारे पहले के आह्वान का समर्थन किया है और आंदोलन का समर्थन करने वाले प्रस्ताव पारित किए हैं, इस भारत बंद को अपना समर्थन दें और लोकतंत्र और संघीय सिद्धान्तों की रक्षा के लिए किसानों के साथ खड़े हों। हमारी स्थापित नीति का पालन करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मंच साझा नहीं करेंगे।’
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने 27 सितंबर को एसकेएम   के भारत बंद को समर्थन देते हुए भारत सरकार से विरोध कर रहे किसानों के साथ उनकी मांगों पर बातचीत फिर से शुरू करने और 2020 के किसान-विरोधी कानूनों को रद्द करने का भी आग्रह किया है।