ओमिक्रोन: डाक्टरों की लोगों को सलाह, सुरक्षा में ही है रक्षा

आईएमए के पूर्व संयुक्त सचिव डॉ अनिल बंसल का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिये वैक्सीनेशन जैसे अभियान में तेजी लायी जाये। क्योंकि जिस प्रकार अफ्रीका में केवल दस प्रतिशत लोगों ने वैक्सीनेशन करवाया है इसीलिए कोरोना के नए स्वरूप ओमीक्रोन का कहर अफ्रीका में तेजी से बढ़ा है।

नेशनल मेडिकल फोरम के चेयरमैन डॉ प्रेम अग्रवाल का कहना है कि ओमिक्रोन से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। लड़ने का मतलब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क अवश्य लगाये और सबसे अहम् सर्दी जुकाम, खांसी होने के साथ अगर बुखार आता है। तो इसका तुरंत इलाज करवाये। क्योंकि ये लक्षण जरूरी नहीं है कि कोरोना के ही हो। इसलिये कोरोना ओमिक्रोन से डरें नहीं बल्कि बचाव करें।