उत्तर प्रदेश में हारे कई दिग्गज!

वहीं मेरठ की सरधना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी संगीत सोम भी सपा नेता अतुल प्रधान के हाथों हार गये। संगीत सोम उत्तर प्रदेश की 16वीं विधानसभा में विधायक बने थे। अमेठी से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय सिंह भी सपा नेता और पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी से हार गये। इसी प्रकार भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार-एक में कबीना मंत्री रहे राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह पट्टी विधानसभा में सपा नेता राम सिंह पटेल से बुरी तरह 25,000 से अधिक वोटों से हारे हैं।

रानीगंज विधानसभा सीट पर भी भाजपा के विधायक रहे धीरज ओझा को सपा नेता डॉ. आर.के. वर्मा ने विश्वनाथगंज की सीट से हरा दिया। डॉ. आर.के. वर्मा अपना दल (एस) के विधायक भी रह चुके हैं। इस बार वो सपा के लिए लड़ रहे थे। इसी प्रकार ग़ाज़ीपुर की जहूराबाद सीट से भाजपा से रूठे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर सपा के गठबंधन में भी भाजपा नेता कालीचरण को लगभग 45,000 से अधिक वोटों से हराकर जीत गये हैं। भाजपा का दामन छोडक़र सपा में जाने वाले दारा सिंह चौहान ने घोसी सीट पर भाजपा नेता विजय कुमार राजभर को 4,000 वोटों से हरा दिया है।

अब अगर सपा के दिग्गजों की बात करें, तो इस पार्टी के भी वे नेता हार गये हैं, जो भाजपा से दलबदल करके हाल ही में अखिलेश यादव के साथ आ खड़े हुए थे। इन नेताओं में स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश प्रजापति, धर्म सिंह सैनी शामिल हैं। भाजपा सरकार में श्रम मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य इस बार सपा में शामिल हुए थे और कुशीनगर ज़िले की फ़ाज़िलनगर सीट से सपा की ओर से मैदान में थे और भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह से 26,000 से अधिक वोटों से बुरी तरह हार गये। स्वामी प्रसाद के साथ पाला बदलने वाले बाँदा ज़िले की तिंदवारी से विधायक रहे सपा प्रत्याशी बृजेश प्रजापति की भी हार हुई है। वहीं सहारनपुर की नकुड़ विधानसभा सीट से भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार-एक में आयुष मंत्री रहे धर्म सिंह सैनी ने इस बार सपा का दामन थामा था, मगर वो भाजपा नेता मुकेश चौधरी से हार गये।

इसी प्रकार बलिया ज़िले की बांसडीह सीट से आठ बार के विधायक रहे सपा नेता रामगोविंद चौधरी भाजपा गठबंधन की निषाद पार्टी की नेता केतकी सिंह से 3,000 से अधिक वोटों से हार गये। पिछली बार केतकी इनके हाथों भारी वोटों से हार गयी थीं। इसी प्रकार गोरखपुर की चिल्लूपार विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी भाजपा नेता राजेश त्रिपाठी से हार गये। प्रयागराज की करछना विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे उज्ज्वल रमण सिंह को भी भाजपा के पीयूष रंजन निषाद ने हरा दिया। इधर आज़ाद समाज पार्टी (एएसपी) और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद रावण और ओवैसी की प्रदेश में करारी हार हुई है। शेखर आज़ाद रावण को मात्र 6,069 वोट मिले, जिससे उनका मनोबल अवश्य टूटा होगा। इतने बड़े-बड़े दिग्गज इस बार क्यों हारे? यह तो कोई नहीं बता रहा है, मगर इन दिग्गजों का यह भ्रम अवश्य टूट गया है कि वो हारेंगे नहीं।