आर्थिक सलाहकार परिषद फिर बनी आर्थिक सुझावों पर अब और ध्यान | Tehelka Hindi

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आर्थिक सलाहकार परिषद फिर बनी आर्थिक सुझावों पर अब और ध्यान

आर्थिक सलाहकार परिषद फिर बनी आर्थिक सुझावों पर अब और ध्यान

2017-10-15 , Issue 19 Volume 9

vivek

देश में आर्थिक सलाहकार परिषद फिर सक्रिय कर दी गई। आर्थिक विकास दर बढ़ाने के इरादे से प्रधानमंत्री ने यह पहल की है। इस साल की पहली तिमाही में यह महज 5.2 फीसद रही। परिषद की कमान बिबेक देब रॉय संभालेंगे। सरकार ने सोमवार 25 सितंबर को यह घोषणा की। प्रधानमंत्री से इस आर्थिक सलाहकार परिषद का उसी तरह जुड़ाव रहेगा। जिस तरह कांग्रेस के नेतृत्व में बनी यूपीए सरकार में अर्थशास्त्री सी रंगराजन का था। सरकार का प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली सरकार के पद से हटने के बाद यह सक्रिय नहीं था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल बाद आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन कर उसी राह को अपनाया जिस पर सरकारें पहले भरोसा कर रही थी। संसाधनों की कमी और

अर्थव्यवस्था का ढुलकना लगातार यह बता रहा था कि सरकार इस मोर्च पर असफल हो रही है। बहरहाल तीन अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला, रथीन रॉय, और असीमा गोयल इस परिषद के अंशकालिक सदस्य हैं। पूर्व वित्त सचिव रतन वाटल सदस्य सचिव होंगे। अभी वे नीति आयोग में प्रमुख सलाहकार हैं। देबरॉय और वाटल नीति आयोग में अपने पद पर बने रहेंगे।

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 9 Issue 19, Dated 15 October 2017)

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