ब्याज दर बढ़ने से प्रॉपर्टी और वाहनों की बिक्री होगी प्रभावित

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने आज आशा के अनुरूप ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की। अब रेपो रेट 5.4 फीस दी हो गई है। इसी के साथ आरबीआई के इस कदम से हर प्रकार के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना है, इनमें जमा दर और कर्ज दर सम्मिलित हैं। फलस्वरूप आने वाले समय में उपभोक्ताओं को उनके मकान व कार आदि खरीदने के लिए अधिक ब्याज का भुगतान करना होगा।
आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से मकान तथा कारों की मांग में कमी आती है लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था जिस मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है, वैसे में घरों और कारों की मांग में किसी प्रकार की गिरावट की संभावना नहीं है।
त्रेहान समूह के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहान ने कहा कि आरबीआई ने इस वर्ष पहले ही दो तीन बार ब्याज दरों में वृद्धि की है, जिसका रियल एस्टेट की मांग पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था, विश्व स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है | इस कारण भारतीय उपभोक्ता भविष्य के प्रति बहुत आशान्वित हैं । नतीजतन, सभी प्रकार की संपत्तियों की मांग लगातार बनी हुई है और निकट भविष्य में इसकी मांग बनी हुई रहेगी ।
वहीं एआईपीएल के समूह कार्यकारी निदेशक पंकज पाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मौजूदा मुद्रास्फीति के परिदृश्य को देखते हुए आरबीआई का फैसला अपेक्षित है। इस फैसले से कर्ज और जमा दरों में मजबूती आने की संभावना है। डिमांड का थोड़ा सा प्रभाव हो सकता है, लेकिन हम हाउसिंग मार्केट के डिमांड पर एक बड़े प्रभाव की उम्मीद नहीं करते हैं। शेयर बाजार, सोना तथा अन्य निवेश के विकल्पों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है | इस कारण से उपभोक्ताओं का रियल एस्टेट में निवेश के प्रति झुकाव बढ़ा है और आगे भी इसके बनी रहने की संभावना है |