आखिर पकड़ा गया गैंगस्टर दिलप्रीत

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अपने आप में यह एक अलग ही मामला है। जिसमें कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ़ बाबा पुलिस की हिरासत में होने के वाबजूद भी चंडीगढ पुलिस ने चार दिन तक गिरफ़्तारी नहीं दिखाई और न ही अदालत में पेश किया। यह स्थिति तब है, जबकि दिलप्रीत पुलिस हिरासत से फऱार अपराधी है और उसके विरुद्ध लगभग दो दर्जन छोटे बडे मामले दर्ज हैं। पंजाब हरियाणा और चंडीगढ पुलिस ने उसे वांछित अपराधियों की श्रेणी में रखा हुआ है। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास और फिरौती वसूल करने जैसे संगीन आपराधिक मामले भी शामिल हैं। वर्ष 2016 में दिलप्रीत पुलिस को चकमा देकर हिरासत से भाग निकला था।

चंडीगढ के सेक्टर 38 स्थित गुरुद्वारे के बाहर दिन दिहाडे भीड़ भाड़ वाली सड़क पर सरपंच सतनाम सिंह की गोलियाँ मार कर हत्या करने और  पंजाबी  सिंगर परमीश वर्मा पर फिरौती के लिए जानलेवा हमला करने और उसके बाद पुलिस को धमकाने के कारण सुर्खियों में आया कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत उर्फ बाबा आखिरकार कई दिनों की आंख मिचौली के बाद सोमवार नौ जुलाई को पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। उसे 9 जुलाई की दोपहर को सेक्टर 43 के बस अड्डे के पास एक गुप्त सूचना पर पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस ने मुकाबले के बाद पकड़ लिया। वह कार से बस अड्डे की तरफ किसी से मिलने आया था लेकिन पुलिस से खुद को घिरा देख उसने फायरिंग की, इसी दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पट्ट में एक गोली मार दी। जोकि उसके पट्ट की हड्डी तोडकर निकल गई। दिलप्रीत को भारी सुरक्षा के बीच पीजीआई में भर्ती करवाया गया। उसे पीजीआई में आप्रेशन के बाद प्राईवेट रुम में रखा गया है। यहाँ पर उसकी सुरक्षा में लगभग दो दर्जन कमांडो रात-दिन पहरा दे रहे थे। मौका-ए-वारदात से पुलिस ने एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस, चले कारतूस और एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी को कब्ज़े में लेकर दिलप्रीत पर एक और मामला चंडीगढ सेक्टर 36 पुलिस थाने में दर्ज कर दिया।

चंडीगढ सेक्टर 36 पुलिस थाना कर्मियों ने चार दिन बाद दिलप्रीत को पीजीआई से डिस्चार्ज करवा कर गिरफ्तारी डाल कर शुक्रवार को सेक्टर 43 की जिला अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया।

दिलप्रीत अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चंडीगढ़ सेक्टर 38 में पिछले एक साल से रह रहा था। वह बिना किसी रोक टोक के चंडीगढ़ से हेरोइन तस्करी का धंधा चला रहा था। मौके पर दिलप्रीत की जो गाड़ी बरामद हुई है उसमें नकली दाढ़ी और मूछें मिली हैं। केशधारी दिलप्रीत ने अपने बाल और दाढ़ी छोटी करवा ली थी और पगड़ी की जगह टोपी का इस्तेमाल कर रहा था। वो अपना वेश बदलकर चंडीगढ में रह रहा था।

वह रुपिंदर कौर के साथ उसके मकान में ठहरता था। यहां तक कि दिन-रात हर समय खुलेआम घूमता रहा। उसने लोगों को बता रखा था कि वह रुपिंदर का पति है। चंडीगढ़ के सभी पर्यटन स्थल सहित सिनेमा हॉल व अन्य मार्केट्स में दिलप्रीत घूमता रहा, परन्तु यूटी पुलिस विभाग के इंटेलीजेंस विंग, सीआईडी, क्राइम ब्रांच पुलिस और ऑपरेशन सेल सहित संबंधित थाने की बीट पार्टी के पुलिसकर्मियों को भी यह पता नहीं लग सका।

गैंगस्टर दिलप्रीत अपने एक दोस्त के जरिए वर्ष 2014 में पहली बार गर्लफ्रेंड हरप्रीत कौर के संपर्क में आया था। इसके बाद उनकी नजदीकियां बढ़ी और दिलप्रीत ने हरप्रीत कौर के घर आना-जाना व रहना तक शुरू कर दिया। उनके बीच नजदीकी संबंध बने और इसके बाद दिलप्रीत ने हरप्रीत कौर की छोटी बहन रुपिंदर कौर से नजदीकियां बढ़ाईं। बीते वर्ष रुपिंदर कौर चंडीगढ़ में शिफ्ट हो गई। उसके बाद से गैंगस्टर दिलप्रीत उर्फ बाबा भी उसके सेक्टर-38 स्थित मकान में उसका पति बनकर रहने लगा। दिलप्रीत के विरुद्ध सेक्टर 39 पुलिस थाने में ही सरेआम सरपंच सतनाम सिंह की गोलियाँ मार कर हत्या करने का मामला दर्ज हैं, लेकिन सेक्टर 39 पुलिस को फिर भी यह जानकारी नहीं मिल पाई कि जिस गैंगस्टर को पकडऩे के लिए वह जगह जगह छापेमारी कर रही है, वह उनकी नाक के नीचे आज़ाद घूम रहा है।

दिलप्रीत,रुपिंदर कौर के साथ सेक्टर-38 के उक्त मकान नंबर में बतौर किराएदार लंबे समय से रह रहा था। लेकिन मकान मालिक ने उनकी पुलिस वेरिफिकेशन ही नहीं कराई, जबकि इसी मकान से वह नशा सामग्री सहित अन्य गैर-कानूनी गतिविधियां जारी रखे हुए था। सैक्टर-38 में जिस जगह रुपिन्द्र कौर ने किराए पर मकान लिया हुआ है, उसकी पिछली साइड पर ड्रंकन ड्राइविंग का नाका भी लगता है और जब्त की गई गाडिय़ों भी वहां खड़ी की जाती थी। ऐसे में लोगों ने कहा कि जब वहां लाइट चली जाती थी तो दिलप्रीत के पास जो पहले लांसर होती थी, वह उस गाड़ी में एसी ऑन करके बैठा रहता, जबकि उसके बिलकुल सामने पुलिस ने ड्रंकन ड्राइविंग का नाका लगाया होता था।

स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, मोहाली पुलिस को गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा की गर्लफ्रेंड रु पिंदर कौर के सेक्टर 38 स्थित घर से दिलप्रीत का एक बैग मिला है। बैग से पुलिस को सेक्सवर्धक 16 गोलियां, कंडोम, मूसली, हुक्का और खसका मिला। पुलिस दिलप्रीत सिंह की दोनों महिला मित्रों हरप्रीत कौर और रु पिंदर कौर से पूछताछ में जुटी है। दिलप्रीत की गर्लफ्रे ड और उसकी बहन को कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा है। उसकी गर्लफ्रेड के घर से गन, पिस्टल, गोलियां और 13 गाडिय़ों की नंबर प्लेट मिली हैं। गर्लफ्रेड हरप्रीत नवांशहर से पकड़ी गई थी।

सेक्टर 38 गुरूद्वारे के बाहर हुई सरपंच सतनाम सिंह की हत्या के बारे में दिलप्रीत ने कहा कि उन्हें मंजीत सिंह उर्फ बॉबी लेकर आया था। पहले से ही तय कर रखा था उसका पैरों पर ही गोली मारनी थी। कत्ल नहीं करना था। लेकिन वह मर गया। मंजी के दादा का सरपंच सतनाम से ट्रासपोर्ट को लेकर झगड़ा हुआ था।

चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और पश्चिम बंगाल पुलिस का मोस्टवांटेड इनामी गैंगस्टर हरविंदर सिंह उर्फ रिदा दिलप्रीत के संपर्क में था। चंडीगढ़ में ही दोनों मुलाकात करते रहे। रिदा चंडीगढ़ में अपनी गर्लफ्रेड मनप्रीत कौर के साथ होटल माउंटव्यू में आता रहा है। तीन बार वह होटल माउंटव्यू में दो-दो दिन के लिए रूका। पीयू का एक स्टूडेंट रिदा के लिए ऑनलाइन कमरे बुक करता था। यहीं स्टूडेंट रिंदा को होटल में आकर पैसों का बैग देता था। पुलिस को शक है कि स्टूडेंट ङ्क्षरदा के लिए फिरौती का काम करता है। उसकी तलाश अब पुलिस ने शुरू कर दी है। होटल की सीसीटीवी रिकार्डिग भी हासिल कर ली है। दिलप्रीत ने बताया कि उसकी तरह रिंदा ने भी अपना पूरा लुक बदल लिया है। पुलिस को दिलप्रीत के मोबाइल से रिंदा की अब की तस्वीरें मिली हैं। इसके साथ ही खुलासा हुआ है कि रिंदा उत्तराखंड में जगह बदल-बदलकर रह रहा है।

गैंगस्टरों के सफाए में जुटी पंजाब पुलिस की इस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह संतुष्ट हैं और उन्होंने ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने ट्रवीट कर कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।