अंतिम भाषण में राहुल पर मोदी का तंज

''पहली बार पता चला गले लगने और गले पड़ने में क्या अंतर होता है''

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लोक सभा के कार्यकाल का अंतिम भाषण देते हुए जहाँ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसना भी नहीं भूले। मोदी ने कहा – मुझे इस सदन में आकर ही  यह पहली बार मुझे पता चला कि गले मिलना और गले पड़ना में क्या अंतर होता है। पहली बार देखा कि सदन में आंखों से गुस्ताखियां होती हैं।”
इसके अलावा मोदी ने राहुल के पुराने एक भाषण को याद करते हुए कहा –
”सदन में हम सुनते थे भूकंप आएगा, लेकिन पांच साल पूरे होने को हैं, कोइ भूकंप नहीं आया। हवाई जहाज उड़ाए गए। लेकिन लोकतंत्र की ताकत इतनी है न भूकंप आया और न हवाई जहाज उसकी ऊंचाई तक पहुंचे ”
पीएम ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियों भी गिनाईं और उन लम्हों को भी याद किया, जिसकी वजह से संसद का सदन मीडिया की सुर्खियों में रहा। मोदी ने दोनों सदनों के सांसदों का कार्यवाही के लिए धन्यवाद दिया।  मोदी ने कहा – ”२०१४ में मैं भी उन सांसदों में से एक था जो पहली बार संसद आए थे। मुझे संसद के बारे में कुछ पता नहीं था। हर चीज को बड़ी जिज्ञासा से देखता था लेकिन यह गली मेरे लिए नई थी। मेरे लिए हर चीज यहां नई थी। करीब तीन दशक बाद एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी थी। इस लोकसभा में १०० फीसदी से अधिक काम हुआ। संसदीय मंत्री का एक दायित्व रहता है। तोमर जी अभी संभाल रहे हैं। शुरुआत में वेंकैया जी देखते थे, अब वह उपराष्ट्रपति पद पर हैं। अनंत कुमार की कमी मुझे महसूस हो रही है।”
मोदी ने कहा कि इस लोकसभा इस बात के लिए भी हमेशा हम गर्व करेंगे, क्योंकि देश में इतने चुनाव हुए उसमें पहली बार सबसे ज्यादा महिला सांसद आईं। कुल ४४ महिला सांसद पहली बार आईं. सभी महिला सांसद अभिनंदन की अधिकारी हैं।
पीएम ने कहा कि पहली बार बिना कांग्रेस गोत्र के पहली मिलीजुली सरकार वाजपेयी जी की बनी थी। पहली बार बिना कांग्रेस गोत्र की बहुमत वाली सरकार २०१४ में बनी।  ”मेरे से पहले १३ प्रधानमंत्री हुए, लेकिन लोकसभा में मेरी जगह पर लगे प्लेक में सिर्फ तीन प्रधानमंत्रियों के नाम लिखे हैं। ऐसा क्यों है इस पर लिबरल लोग विचार करेंगे।”
मोदी ने कहा कि हमारे कार्यकाल में देश विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।  इसके लिए यहां बैठे सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।  क्योंकि नीति-निर्धारण का काम यहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व में भारत का एक अलग स्थान बना है जिसका पूरा यश पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाले देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों को जाता है।
पीएम ने कहा कि करीब २१९ बिल सदन में पेश हुए और २०३ बिल १६वीं लोकसभा के दौरान पास हुए। इसी दौरान बेनामी संपत्ति के खिलाफ बिल भी पारित हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में भारत ने मानवता के काम में बहुत बड़ी भूमिका अदा की है।